हरियाणा सरकार ने अपने एलिजिबिल कर्मचारियों के लिए 7th pay commission के मुताबिक नया मकान किराया भत्ता (HRA) को 1 अगस्त 2019 से लागू कर दिया है. संशोधित मकान किराया भत्ता के लागू होने से राज्य के करीब 3 लाख कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा. राज्य के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के मुताबिक कर्मचारियों को शहरों की आबादी के मुताबिक बेसिक सैलरी का 8, 16 और 24 फीसदी किराया भत्ता दिया जाएगा. सरकार ने आबादी के हिसाब से एचआरए की न्यूनतम राशि भी तय की है.
1/6वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक, अलग-अलग शहरों और कस्बों में तैनात राज्य सरकार के कर्मचारियों को नया यानी संशोधित मकान किराया भत्ता दिया जाएगा.
2/6ऑर्डर की कॉपी के मुताबिक, 50 लाख या इससे अधिक आबादी वाले शहरों को एक्स कैटेगरी में रखा गया है. इन शहरों में काम कर रहे कर्मचारियों 24 प्रतिशत या न्यूनतम 5400 रुपये मकान किराया भत्ता मिलेगा.
3/65 लाख या इससे अधिक या 50 लाख से कम आबादी वाले शहर जिन्हें वाई कैटेगरी में रखा गया है, में काम कर रहे कर्मचारियों को 16 प्रतिशत या न्यूनतम 3600 रुपये HRA मिलेगा.
4/65 लाख से कम आबादी वाले शहरों को जेड कैटेगरी में रखा गया है. यहां तैनात कर्मचारियों को 8 प्रतिशत या न्यूनतम 1800 रुपये मकान किराया भत्ता दिया जाएगा.
5/6सरकार की तरफ से जारी इस ऑर्डर के बाद संशोधित मकान किराया भत्ता के लागू होने से करीब 3 लाख कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा. इस मद में राज्य सरकार पर हर साल करीब 1920 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा.
6/6संशोधित मकान किराया भत्ता हरियाणा सिविल सर्विसेज (सरकारी कर्मचारियों को भत्ता) नियम, 2016 के प्रावधानों के मुताबिक देय होगा. चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली को वाई कैटेगरी में रखा जाएगा.