इस साल गेहूं की सरकारी खरीद अब तक 3.415 करोड़ टन तक पहुंच गयी है. यह पिछले साल के तीन करोड़, 41.3 लाख टन की खरीद से ज्यादा हो गया है.
1/9सरकार ने 2020-21 में 4.07 करोड़ टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है. गेहूं की खरीद अप्रैल से जून के बीच चलती है. इस बार लॉकडाउन के चलते खरीद देरी से शुरू हुई.
2/9खाद्य मंत्रालय ने कहा कि चालू विपणन वर्ष में 24 मई तक कुल गेहूं खरीद तीन करोड़ 41.5 लाख टन हो गई है, जो पिछले साल की तीन करोड़ 41.3 लाख टन की खरीद से ज्यादा है.
3/9पंजाब में एक करोड़ 25.8 लाख टन, मध्य प्रदेश में एक करोड़ 13.3 लाख टन, हरियाणा में 70.6 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 20.3 लाख टन, उत्तराखंड में 31,000 टन, गुजरात में 21,000 टन, चंडीगढ़ में 12,000 टन और हिमाचल में 3,000 टन गेहूं की खरीद हुई है.
4/9क्रय केंद्रों पर किसानों की भीड़ कम करने के लिए ऐसे केंद्रों की संख्या में काफी वृद्धि की गई. ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध हर सुविधा का उपयोग किया गया. पंजाब में खरीद केन्द्रों की संख्या 1,836 से बढ़कर 3,681,हरियाणा में 599 से बढ़ाकर 1,800 तथा मध्य प्रदेश में यह संख्या 3,545 से बढ़ाकर 4,494 रखी गयी थी.
5/9पंजाब में किसान को स्टॉक रखने के लिए उन्हें जगह अलॉट की है. इसके अलावा उन्हें और किसी जगह जाने की मंजूरी नहीं होगी. किसानों को नीलामी के दौरान उपस्थित रहने की छूट दी गई थी.
6/9खरीद एजेंसियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. इसमें जूट बोरियों की कमी शामिल है, क्योंकि सभी जूट मिलें बंद थीं. जूट की बोरियों की जगह प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल किया गया.
7/9दूसरी समस्या बेमौसम की थी. बरसात के कारण गेहूं बचाकर रखना था. इसने किसानों के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर दिया क्योंकि सामान्य मानक नियमों के तहत ऐसे फसल की खरीद में दिक्कत आ सकती थी.
8/9ऐसे में केंद्र सरकार और एफसीआई ने हस्तक्षेप किया और दिशा-निर्देशों को फिर से तय किया गया कि किसी भी किसान को संकट में नहीं फंसना पड़े, और उनकी उपज की खरीद आराम से की जा सके.
9/9केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने अपने तीसरे अनुमान में इस बार गेहूं उत्पादन के 10 करोड़ 71.8 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया है.फसल वर्ष 2019-20 (जुलाई-जून) में 10.36 करोड़ टन गेहूं पैदा हुआ था.