1/4महाकाल मंदिर कॉरिडोर करीब 900 मीटर एरिया में बना है. कॉरिडोर का आकार काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर से करीब 4 गुना बड़ा है. पहले चरण में महाकाल प्लाजा, महाकाल कॉरिडोर, मिडवे झोन, महाकाल थीम पार्क, घाट एवं डेक एरिया, नूतन स्कूल कॉम्पलेक्स, गणेश स्कूल कॉम्पलेक्स का कार्य पूर्ण हो चुका है.
2/4कॉरिडोर में शिव तांडव स्त्रोत, शिव विवाह, महाकालेश्वर वाटिका, महाकालेश्वर मार्ग, शिव अवतार वाटिका, प्रवचन हॉल, नूतन स्कूल परिसर, गणेश विद्यालय परिसर, रूद्रसागर तट विकास, अर्ध पथ क्षेत्र, धर्मशाला और पार्किंग सर्विसेस भी तैयार किया जा रहा है. ऐसे में दर्शालुओं को दर्शन करने और कॉरिडोर घूमने के दौरान भव्य अनुभव होने वाला है.
3/4महाकाल लोक में मूर्तियों के रूप में भगवान शिव से जुड़ी अलग-अलग कहानियां को भी उकेरी गई है. सप्त ऋषि के पास विशाल म्यूरल बना है, जिसमें उनके स्वरूप नंदीगण, भैरव, गणेशजी, माता पार्वती और अन्य देवताओं की 200 मूर्तियां बनाई गई है. नक्काशीदार बलुआ पत्थरों से बने 108 अलंकृत स्तंभों का एक राजसी स्तंभ, फव्वारों और शिव पुराण की कहानियों को दर्शाने वाले 50 से ज्यादा भित्ति चित्र भी होंगे.
4/4बता दें कि महाकाल कॉरिडोर का निर्माण कार्य 2019 में शुरू हुआ था. दो हेक्टेयर में बने मंदिर परिसर के लिए करीब 750 करोड़ रुपए खर्च होंगे. कुल खर्च में से करीब 422 करोड़ रुपए राज्य सरकार और 21 करोड़ रुपए मंदिर समिति खर्च करेगी. बाकी रकम केंद्र सरकार खर्च करेगी.