देशभर में फैले कोरोना संकट के बीच 1 जून से देश में 'वन नेशन वन राशन कार्ड' योजना लागू होने जा रही है. इसकी शुरुआत 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से होगी. सरकार की इस योजना के तहत देश के गरीबों को किफायती दाम पर राशन मिल जाएगा. इस योजना के लागू होने के बाद राशकार्डधारक किसी दूसरे राज्य से भी राशन खरीद सकेंगे.
1/5बता दें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर राहत पैकेज की घोषणा के दौरान इसका जिक्र किया था. यह लागू होने के बाद राशन कार्ड का फायदा देश के किसी कोने में उठाया जा सकता है. आइए आपको राशन कार्ड से जुड़ी जरूरी बातों के बारे में बताते हैं-
2/5इस समय आपका राशन कार्ड जिस जिले का बना है, उसी जिले में राशन मिल सकता है. जिला बदलने पर भी इसका फायदा नहीं मिल पाता है. कोरोना संकट के समय में गरीबों तक राहत पहुंचाना इस नियम के कारण बड़ी चुनौती थी. इसलिए सरकार ने कहा कि राशन कार्ड नहीं होने पर भी उसका फायदा फिलहाल मिलेगा. इसके जरिए आप किसी भी जिले में राशन खरीद सकेंगे.
3/5वन नेशन वन कार्ड योजना को सरकार दो भाषाओं में जारी करेंगी. इसमें एक स्थानीय भाषा होगी. वहीं, दूसरी भाषा हिन्दी अथवा अंग्रेजी का इस्तेमाल करें.
4/5भारत का कोई भी नागरिक इस कार्ड के लिए अप्लाई कर सकता है. अगर कोई भी बच्चा 18 साल से कम उम्र का है तो उन बच्चों का नाम उनके माता-पिता के राशन कार्ड में जोड़ा जाएगा. इन राशन कार्ड धारकों को 5 किलो चावल 3 रुपए किलो की दर से और गेहूं 2 रुपए किलो की दर से मिलेगा.
5/5सरकार इस योजना के तहत PDS लाभार्थियों के बारे में पता लगाएगी. इसके बाद में PDS लाभार्थियों को उनके आधार कार्ड के हिसाब से इलेक्ट्रिक पॉइंट ऑफ सेल (Pos) योजना का लाभ मिलेगा. इस योजना को लागू करने के लिए सरकार को देश की सभी राशन दुकानों पर पीडीएस मशीनें लगाई जाएंगी. जैसे-जैसे राज्य पीडीएस दुकानों पर 100 फीसदी पीओएस मशीन की रिपोर्ट देंगे, वैसे-वैसे उन्हें 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना में शामिल किया जाएगा.