गलत पाए जाने पर सरकार के पास ये अधिकार है कि वह उस संस्था के अधिकारियों पर जुर्माना लगा सकती है, उन्हें तीन साल तक के लिए जेल भेज सकती है. कंपनियों पर 1 करोड़ रुपये तक की पेनाल्टी लगाई जा सकती है.
अगर ऐसी संस्थाएं अगर खुद को नॉन प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन साबित नहीं कर पाती हैं तो उनका रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया जाएगा. (पीटीआई)