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प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली: ड्राइविंग को सुरक्षित और ध्यान-भंग से मुक्त बनाने के लिए पायनियर इंडिया ने बुधवार को स्मार्ट सिंक ऐप और एसपीएच-सी 19 बीटी हेड यूनिट उतारा है. इस डिवाइस को मोबाइल 'एम्पलीफिकेशन डिवाइस' नाम दिया गया है. यह डिवाइस ड्राइवर का ध्यान भंग किए बिना उसका मनचाहा काम करता है, जिसमें संगीत चलाना, बात करना, संदेश पढ़ना या गुगल नेविगेशन करना जैसे काम शामिल है. कंपनी के प्रबंध निदेशक तोशियुकी योशिकावा ने बुधवार को इसे लांच किया. आमतौर पर फोन पर ध्यान देने के कारण और सड़क से ध्यान हटने की वजह से ऐसी दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है, जिसे देखते हुए पायनियर ने एसपीएच-सी 19 बीटी हेड यूनिट उतारा है.
पायनियर इंडिया के प्रमुख (विपणन और उत्पाद) गौरव कुलश्रेष्ठ ने कहा, "सुरक्षित ड्राइविंग अब चिंता का विषय नहीं है बल्कि ड्राइवर की मुख्य जिम्मेदारी है. पायनियर एसपीएच-सी 19 बीटी के हाई-एंड फीचर्स और आसान कनेक्टिविटी रात की यात्रा के दौरान भी आपकी ड्राइविंग को मनोरंजक और सुविधाजनक बनाती है."
कंपनी ने कहा कि सुरुचिपूर्ण काले रंग के एसपीएच-सी 19 बीटी हेड यूनिट के साथ आईओएस और एंड्रॉइड फोन दोनों को ब्लूटूथ या यूएसबी केबल के माध्यम से आसानी से जोड़ा जा सकता है. इसमें पांच 'इंटरैक्टिव की' हैं जो ड्राइवर का ध्यान भंग किए बिना पांच सबसे महत्वपूर्ण कार्यो को करने के लिए बनाई गई हैं.
इसमें संगीत बदलने या रोकने के लिए एक म्यूजिक की, आवाज से आदेश देने के लिए एक वॉइस रिकगनिशन की, गंतव्य मानचित्रों का पता लगाने के लिए नेविगेशन की, आने वाले संदेशों को सुनने के लिए मेसेज की और अनुकूलन सेट करने के लिए जैसे एप्स खोलने, लांच करने के लिए मेनू की. इसमें स्टीयरिंग व्हील कंट्रोल, इंटेलिजेंस वॉइस रिकगनिशन, हैंड्स-फ्री कॉलिंग और संदेश पढ़ने की सुविधा भी दी गई है.
पायनियर एसपीएच-सी 19 बीटी अतिरिक्त रूप से रियर पार्किं ग सेंसर इनपुट से लैस हैं जो पायनियर पार्किं ग सेंसर के साथ काम करता है जो ड्राइविंग सीट पर व्यक्ति को दूरी की पूरी जानकारी पढ़कर देने के अलावा उसे पार्किं ग के दौरान बीप के साथ सतर्क करने का भी काम करता है. एसपीएच-सी 19 बीटी के इनबिल्ट फीचर कठिन रास्तों पर भी 87 मिमी चौड़े फोन पर अच्छी पकड़ बनाए रखता है. ऑडियो ट्यूनिंग, टाइम अलाइनमेंट और अन्य सेटिंग्स को पायनियर स्मार्ट सिंक ऐप पर आसानी से किया जा सकता है. यह गूगल प्ले और ऐप स्टोर दोनों पर उपलब्ध है.
भारत में सड़क दुर्घटनाओं के कारण एक लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है. जहां इन मौत की घटनाओं के लिए नशे में ड्राइविंग करने, रेड लाइट पार करने और तेज ड्राइविंग जैसी आदतों को दोषी ठहराते हैं, वहीं, इन सबमें सबसे सामान्य बात होती है ड्राइवरों का ध्यान भटक जाना.
इनपुट एजेंसी से