&format=webp&quality=medium)
Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) कल 1 फरवरी को अपना 6वां बजट पेश करने वाली हैं. 2019 से लेकर 2024 के बीच में उन्होंने 5 पूर्ण बजट और एक अंतरिम बजट पेश किया है. ऐसे करते ही वो मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगी. मोरारजी ने ऐसे तो कुल 10 बार बजट पेश किया है, लेकिन 1959 से 1964 तक पांच पूर्ण बजट और एक अंतरिम बजट पेश किया था. हालांकि, भारत में कुछ ऐसे भी वित्त मंत्री रहे हैं, जिन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में एक बार भी बजट पेश नहीं किया है.
रामासामी चेट्टी कंदासामी शनमुखम चेट्टी (R. K. Shanmukham Chetty) आजाद भारत के पहले वित्त मंत्री थे. उन्होंने 15 अगस्त 1947 से लेकर 17 अगस्त 1948 तक भारत के वित्त मंत्री का प्रभार संभाला था. हालांकि, इस दौरान डॉ. अमन खान ने सरकार की तरफ से बजट पेश किया था.
R. K. S Chetty के बाद क्षितिश चंद्र नियोगी (KC Neogy) आजाद भारत के दूसरे वित्त मंत्री रहे हैं. हालांकि, वो सिर्फ 35 दिन तक भारत के वित्त मंत्री रहे थे. उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इसलिए वो भी वित्त मंत्री होने के बावजूद बजट पेश नहीं कर सके थे.
भारत के 11वें वित्त मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हेमवती नंदन बहुगुणा (HN Bahuguna) भी केवल 83 दिन (28 जुलाई 1979-19 अक्टूबर 1979) के लिए वित्त मंत्री के पद रहे थे. उन्होंने भी भारत का बजट पेश नहीं किया है.
भारत के 8वें मुख्यमंत्री चंद्रशेखर ने भी 10 नवंबर से 21 नवंबर, 1990 के बीच सिर्फ 11 दिन के लिए देश के वित्त मंत्री रहे थे.
चंद्र शेखर की ही तरह इंदर कुमार गुजराल (IK Gujral) भी 21 अप्रैल से 1 मई, 1997 के बीच सिर्फ 10 दिन के लिए भारत के वित्त मंत्री के पद पर थे. इस कारण से उन्हें भी बजट पेश करने का मौका नहीं मिला.