&format=webp&quality=medium)
Budget, Real Estate Sector Expectations: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को अंतरिम बजट 2024 पेश करेंगी. रियल एस्टेट सेक्टर को इस अंतरिम बजट से आर्थिक सुधार और विकास के साथ ढेर सारी उम्मीदें हैं. मांग की जा रही है कि इस क्षेत्र के लिए वित्तमंत्री निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियों को लेकर आएंगीं. इसके साथ ही प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को भी प्रोत्साहित किया जाता है तो इससे सेक्टर को राहत मिलेगी. सेक्टर काफी आशा के साथ उन उपायों की उम्मीद कर रहा है जो न केवल विकास को गति देंगे बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर के सामने आने वाली चुनौतियों का भी समाधान करेंगे। बजट को लेकर कई उम्मीदें हैं.
देश के रियल एस्टेट डेवलपर्स की सबसे बड़ी संस्था क्रेडाई एनसीआर के अध्यक्ष और गौड़ ग्रुप के सीएमडी मनोज गौड़ को भी इस आगामी अंतरिम बजट से कई सारी उम्मीदें हैं. उन्हें इस बार के बजट में होम लोन के टैक्स दायरे को बढ़ाने के साथ-साथ इस सेक्टर को उद्योग का भी दर्जा मिलने की उम्मीद है. मनोज गौड़ के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था में रियल एस्टेट का हमेशा से महत्वपूर्ण योगदान रहा है. वे इस बजट से होम बॉयर्स और डेवलपर्स के लिए मांग को प्रोत्साहित करने, लिक्विडिटी संबंधी चिंताओं को दूर करने और नियमों को सरल बनाने के लिए रणनीतिक राजकोषीय उपाय की उम्मीद कर रहे हैं.
बकौल मनोज गौड़,'इस बजट से कई उम्मीदें हैं जो भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूत करेंगे. देश की आर्थिक वृद्धि में रियल एस्टेट की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हुए हमारी सबसे बड़ी उम्मीद रियल एस्टेट क्षेत्र को लंबे समय से प्रतीक्षित उद्योग का दर्जा देना है. यह मान्यता न केवल निवेश को और बढ़ावा देगी बल्कि नियमों को सुव्यवस्थित करेगी, जिससे सस्टेनेबल ग्रोथ के लिए अधिक अनुकूल वातावरण को बढ़ावा मिलेगा.'
रहेजा डेवलपर्स के नयन रहेजा के अनुसार रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की मांग लंबे समय से की जा रही है और यह आगामी बजट से एक बड़ी उम्मीद है. साथ ही, अगर सिंगल विंडो क्लियरेंस की दिशा में काम हुआ तो इस सेक्टर को काफी मदद मिलेगी. इसे लेकर रियल एस्टेट सेक्टर में हमेशा से मांग की जा रही है। इससे डेवलपरों को अप्रूवल आदि में जो भी अतिरिक्त समय बर्बाद होता है, उसे प्रोजेक्ट के निर्माण और समय से खरीददारों को उसकी डिलीवरी पर लगाया जा सकता है। इस सेक्टर में घरों की लगातार उच्च मांग और सीमित नए घरों के लॉन्च को देखते हुए किफायती घरों को लेकर भी कुछ न कुछ घोषणा हो.
एसकेए ग्रुप के डायरेक्टर संजय शर्मा ने बताया कि आगामी बजट में आयकर छूट की उम्मीद डेवलपर्स के साथ ही घर खरीदारों को भी है. सरकार अगर इस तरह की पॉलिसी लेकर आती है तो इससे रियल एस्टेट सेक्टर पॉजिटिव दिशा में काम करेगा और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की ओर अग्रसर होगा. हम यह भी उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार इस सेक्टर को 'उद्योग' का दर्जा देने की हमारी पुरानी मांग को मानेगी। देश में सबसे बड़ा सेक्टर होने के नाते,यह दर्जा वित्तीय विकास के साथ-साथ आयकर में छूट में मदद करेगा.
काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी ने कहा कि इनकम टैक्स एक्ट की धारा 24 के तहत होम लोन की ब्याज दरों पर 2 लाख रुपये की टैक्स छूट को बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये करना जरूरी है. ऐसा करने से आवास के लिए और अधिक मजबूत बाजार को बढ़ावा मिल सकता है, खासकर बजट होम सेगमेंट में,जो कि कोविड के बाद से डिमांड में गिरावट देखी गई है. मोहित गोयल, एमडी, ओमेक्स ग्रुप के अनुसार रियल एस्टेट सेक्टर की 'बजट 24' से प्राथमिक अपेक्षाओं में से एक इसे उद्योग का दर्जा देना है.
बकौल अमित मोदी, 'RERA को पूरे सेक्टर में काफी ईमानदारी से लागू किया जा रहा है और डेवलपर्स अधिक सतर्क और जिम्मेदार बन रहे हैं. इसलिए, बेहतर वित्तपोषण प्राप्त करने में उद्योग की स्थिति में मदद मिलेगी. कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री एक महत्वपूर्ण नियोक्ता है, विशेष रूप से इसका एक बड़ा हिस्सा अकुशल और कैजुअल मजदूरों का है, इसलिए उद्योग का दर्जा प्रदान करने से विकास को गति मिलेगी. यह सभी के लिए आवास उपलब्ध कराने और रोजगार पैदा करने की राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप है. प्रत्याशित उपायों में सिंगल विंडो मंजूरी प्रणाली लागू करना और किफायती आवास को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करना भी शामिल है.
मिग्सन ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर यश मिगलानी का कहना है कि कोविड ने किफायती आवास को बुरी तरह प्रभावित किया है. डेवलपर्स को अधिक किफायती आवास बनाने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए टैक्स छूट जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाने की जरूरत है। इससे न सिर्फ डेवलपर्स को बल मिलेगा बल्कि होम बॉयर्स को भी इसका फायदा मिलेगा.
एमआरजी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर रजत गोयल का कहना है कि उम्मीद है कि पिछले वर्ष की तरह 2024 में भी रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी देखने को मिलेगी. इसमें कोई संदेह नहीं कि होम लोन इंटरेस्ट पर छूट की लिमिट बढ़ने से किफायती घर खरीदनों वालों की संख्या में इजाफा होगा. टैक्स छूट से होम बॉयर्स के साथ-साथ रियल एस्टेट सेक्टर के लिए भी एक अच्छा कदम होगा.