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Union Budget 2023: आज 1 फरवरी है और आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का यूनियन बजट (Union Budget) पेश करेंगी. ऐसे में बजट को लेकर अलग-अलग इंडस्ट्री और सेक्टर्स की अलग-अलग मांगें हैं. इसमें स्टार्टअप सेक्टर भी शामिल है. स्टार्टअप सेक्टर ने वित्त मंत्री के सामने कई मांगें रखी थी, अब देखते हैं कि यूनियन बजट से इस सेक्टर को क्या मिलता है और कितनी मांगें पूरी होती हैं. इस बार यूनियन बजट में सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम (Startup Ecosystem) को और मजबूतकरने के लिए कुछ ऐलान कर सकती है. इसके अलावा कुछ निश्चिच सेक्टर में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए इन्वर्टेड ड्यूटी को भी पेश कर सकती है. पीटीआई की खबर के मुताबिक, सरकारी सूत्रों ने इस बारे में जानकारी दी है.
इसके अलावा 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के तहत फिस्कल इंसेंटिव्स की भी घोषणा हो सकती है. इसके अलावा, नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG) की ओर से अप्रूव्ड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी फंड्स की सुविधा दे सकती है. गति शक्ति इनीशिएटिव के तहत सरकार इन प्रोजेक्ट्स के लिए फंड जारी कर सकती है.
पिछले साल 13 अक्टूबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने गति शक्ति-नेशनल मास्टर प्लान को लॉन्च किया था. इसका उद्देश्य लॉजिस्टिक लागत को कम करने के लिए इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलेप करना था.
NPG अलग-अलग कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्रालयों/विभागों का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें नेटवर्क प्लानिंग डिविजन के हेड्स शामिल हैं. ये सभी विभाग डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाने से पहले NPG के पास अप्रूवल के लिए जाते हैं.
इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर तैयार उत्पादों की तुलना में उच्च दरों पर इनपुट के टैक्सेशन को रेफर करता है जिसके फलस्वरूप क्रेडिट और कैस्केडिंग लागत का निर्माण होता है. देश में स्टार्टअप को प्रमोट करने के लिए सरकार पहले ही कई कदम उठा चुकी है.
स्टार्टअप इंडिया इनीशिएटिव्स के तहत फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स स्कीम, स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम और स्टार्टअप्स क्रेडिट गारंटी स्कीम को पहले ही लागू कर दिया गया है. इन स्कीम के जरिए स्टार्टअप्स के बिजनेस साइकिल को कैपिटल जारी करने में आसानी मिलती है.
जनवरी 2016 में सरकार ने स्टार्टअप इंडिया इनीशिटिव्स को शुरू किया था. इसका उद्देश्य स्ट्रॉन्ग इकोसिस्टम को बनाना था, ताकि इनोवेशन को बढ़ावा दिया जा सके और प्राइवेट इन्वेस्ट भी बढ़ सके. इसके अलावा कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्रालय ने स्टार्टअप्स के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रमोट करने का सुझाव दिया है.