देशभर में मौजूद छोटी कंपनियों के लिए राहत भरी खबर है. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इन कंपनियों को कई तरह की छूट दी है. सीतारमण ने अपनी घोषणा में छोटी कंपनियों, एक व्यक्ति वाली कंपनियों, मैनुफैक्चर कंपनियों और स्टार्ट-अप्स की सभी चूक के लिए जुर्माना घटाने की घोषणा की है. सरकार नेशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) की अतिरिक्त और स्पेशल बेंच बनाने की दिशा में भी कदम उठाएगी. यह पिछले कुछ समय से विचाराधीन है.
1/5फुलर कैपिटल अकाउंट कन्वर्टिबिलिटी की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए सरकार ने भारतीय सरकारी कंपनियों के लिए अपने शेयरों को सीधे विदेशों में लिस्टेड करने और पूंजी के बड़े पूल तक पहुंचने के लिए दरवाजे खोल दिए हैं.
2/5सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को भी छूट दी है कि स्टॉक एक्सचेंजों पर एनसीडी को लिस्टेड कंपनियों के तौर पर न माना जाए. यानी स्टॉक एक्सचेंजों पर एनसीडी को लिस्ट करने वाली प्राइवेट कंपनियों को लिस्टेड कंपनियों के तौर पर नहीं लिया जाएगा.
3/5वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि भारतीय सरकारी कंपनियों की तरफ से सिक्योरिटीज की डायरेक्ट लिस्टिंग की परमिशन भी दी जाएगी.
5/5फिलहाल, विदेशी स्टॉक एक्सचेंजों पर भारतीय कंपनियों के डायरेक्ट लिस्टिंग की अनुमति नहीं है. इसी तरह विदेशी कंपनियों को भी भारतीय शेयर बाजारों में अपने इक्विटी शेयरों को सीधे लिस्टेड करने की अनुमति नहीं है. (फोटो - रॉयटर्स)