अब शॉपिंग मॉल, सुपरमार्केट में मिलेगा पेट्रोल-डीजल, मोदी सरकार कर रही है बड़ी तैयारी

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय इस प्लानिंग को लेकर एक कैबिनेट प्रस्ताव तैयार कर रहा है. जल्द ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी के लिए भेज सकता है.
अब शॉपिंग मॉल, सुपरमार्केट में मिलेगा पेट्रोल-डीजल, मोदी सरकार कर रही है बड़ी तैयारी

सिर्फ पेट्रोल पंप ही नहीं रिटेल शॉप से भी पेट्रोल-डीजल खरीद सकेंगे ग्राहक. (फोटो: रॉयटर्स)

(इनपुट: समीर दीक्षित) जल्द ही आपको पेट्रोल-डीजल सुपरमार्केट या फिर शॉपिंग मॉल में मिलता नजर आएगा. केंद्र की मोदी सरकार इसे लेकर बड़ी तैयारी कर रही है. जी बिजनेस को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मोदी सरकार एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रही है, जहां फुटकर में पेट्रोल-डीजल खरीदा जा सकेगा. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय इस प्लानिंग को लेकर एक कैबिनेट प्रस्ताव तैयार कर रहा है. जल्द ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी के लिए भेज सकता है. इससे कंपनियों को भी फुटकर कारोबार में उतरने का मौका मिल सकता है.

कैबिनेट में पेश हो सकता है प्रस्ताव
सरकार जल्द ही शॉपिंग मॉल में पेट्रोल या डीजल बेचने के प्रस्ताव को मंजूर कर सकती है. सिर्फ शॉपिंग मॉल ही नहीं सुपरमार्केट और कमर्शियल काम्प्लेक्स में भी पेट्रोल और डीजल की बिक्री को मंजूरी मिल सकती है.सूत्रों की मानें तो फ्यूल रिटेलिंग को लेकर सरकार जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव पेश कर सकती है. फ्यूल रिटेलिंग का सीधा मतलब और मकसद यही है कि आप सिर्फ पेट्रोल पंप नहीं इन रिटेल शॉप से भी पेट्रोल-डीजल खरीद सकेंगे.

नियमों में ढील दे सकती है सरकार
सूत्रों के मुताबिक, प्राइवेट प्लेयर्स के फ्यूल रिटेलिंग में आने को लेकर नियमों और शर्तों में ढील दी जा सकती है. मौजूदा नियम के मुताबिक, तेल के खुदरा कारोबार में उतरने के लिए कंपनी के पास घरेलू बाजार में बुनियादी ढांचा निवेश के लिए 2000 करोड़ रुपए होने चाहिए. साथ ही 30 लाख टन कच्चे तेल की खरीद के लिए बैंक गांरटी देनी होगी. सूत्रों के मुताबिक, इन नियमों में ढील देने पर विचार हो रहा है.

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मल्टी ब्रांड रिटेल कंपनियों को मिलेगा मौका
सरकार की यह प्लानिंग अगर हकीकत में बदलती है तो फ्यूचर ग्रुप और वॉलमार्ट जैसे मल्टी ब्रांड रिटेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की रिटेल में बिक्री कर सकेंगी. बता दें, पेट्रोलियम मंत्रालय ने अक्टूबर 2018 में फ्यूल रिटेल से जुड़े नियमों में बदलाव के लिए एक्सपर्ट कमिटी का गठन किया था. एक्सपर्ट कमिटी में पूर्व पेट्रोलियम सचिव जीसी चतुर्वेदी, पेट्रोलियम मंत्रालय के ज्वाइंट सचिव आशुतोष जिंदल, अर्थशास्त्री किरीट पारीख और एमए पठान शामिल हैं.

ब्रिटेन से मिला आइडिया
दरअसल, ब्रिटेन जैसे देशों में पहले से ही रिटेल में पेट्रोल-डीजल की बिक्री होती है. वहां रिटेल फ्यूल की योजना बेहद सफल रही. इसी को देखते हुए भारत को भी शॉपिंगमॉल और सुपरमार्केट में पेट्रोल-डीजल की बिक्री का आइडिया मिला है. एक अनुमान के मुताबिक, ब्रिटेन में अप्रैल के महीने में पेट्रोल की कुल बिक्री में सुपरमार्केट की हिस्सेदारी करीब 49 फीसदी थी और डीजल बिक्री में 43 फीसदी हिस्सेदारी थी.

विदेशी कंपनियों को भी मिलेगा फायदा
अगर सरकारी की प्लानिंग अमल में आती है तो सऊदी अरामको जैसी इंटरनेशनल कंपनियों को भी भारतीय रिटेल कारोबार में उतरने का मौका मिल सकता है. नियमों में ढील मिलने पर यह कंपनी पेट्रोल-डीजल के रिटेल कारोबार में उतर सकती है. अरामको ने पहले भी भारतीय बाजार में उतरने की दिलचस्पी दिखाई थी.

लंबे समय से हो रही है मांग
भारत में लंबे समय से पेट्रोल-डीजल की खुदरा बिक्री की मांग होती रही है. हालांकि, सरकार ने अब इस योजना पर काम करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा है. सरकार का मकसद है कि लोगों तक पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को आसान बनाया जाए. इसी कड़ी में पिछले साल पुणे में पेट्रोल-डीजल की होम डिलिवरी का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था.

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शुभम् शुक्ला

शुभम् शुक्ला

असिस्टेंट एडिटर/टीम लीड

शुभम् शुक्ला, ज़ी बिज़नेस डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर (Assistant Editor) के पद पर हैं. जर्नलिज्म में उन्हें करीब 16 स

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