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मिश्रित खेती से आने वाली आय किसान का बोनस हो जाता है.
Jackfruit Farming: देश में कटहल (Jackfruit) की बड़े पैमाने पर खेती होती है. कटहल का इस्तेमाल फल और सब्जी दोनों के रूप में किया जाता है. इसमें कई तरह के पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद हैं. बाजार में कटहल की कीमत भी अच्छी मिल जाती है. ऐसे में किसानों के लिए कटहल की खेती (Jackfruit Cultivation) खेती कमाई का अच्छा जरिया बन सकता है. कटहल की खेती शुरू करने के लिए ज्यादा पैसे की जरूरत नहीं है. एक हेक्टेयर में कटहल की खेती करने की लागत 40,000 रुपये आती है. साथ ही, इसकी खेती के लिए ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं पड़ती है. बिना किसी निगरानी के कटहल को उगाया जा सकता है.
शबला सेवा संस्थान गोरखपुर के संस्थापक अविनाश कुमार का कहना है कि कटहल की खेती के लिए दोमट मिट्टी उपयुक्त है. काली व चिकनी मिट्टी में भी कटहल की खेती संभव है. लेकिन वर्षा समय में जल निकासी की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए. कटहल की खेती जलभराव क्षेत्र में संभव नहीं है. अधिक पानी भराव क्षेत्र में कटहल का पौधा सूख जाता है. इसलिए किसानों को इसका विशेष ध्यान रखना है.
उनके मुताबिक, एक हेक्टेयर में करीब 150 पौधा का रोपण करना चाहिए. पौधा से पौधा की दूरी 35 से 40 फीट और पौधा के पंक्ति की दूरी भी 35 से 40 फीट होनी चाहिए. कटहल का पौधा रोपण का उचित समय जून या जुलाई माह है. इन महीनों में सिंचाई के लिए होने वाले खर्च और श्रम की बचत होती है.
कटहल की खेती के साथ आप मिश्रित खेती हमेशा कर सकते हैं. इतनी दूरी रखने से किसान चाहें तो मिश्रित खेती दस सालों तक कर सकते हैं. 4 से 5 साल बाद कटहल के पौधा में फल लगने शुरू हो जाता है. मिश्रित खेती करने से किसानों को आर्थिक नुकसान शुरुआत के चार या पांच वर्ष तक नहीं होता है. जब कटहल के पौधा में फल आना शुरू होता है तो मिश्रित खेती से आने वाली आय किसान का बोनस हो जाता है.
कटहल की प्रजाति खजवा, सिंगापुरी, गुलाबी, रुद्राक्षी आदि हैं. इसके अलावा बारहमासी कटहल की खेती भी सफलता पूर्वक की जा सकती है. बारहमासी कटहल से अधिक मुनाफा होता है. शबला सेवा संस्थान, गोरखपुर के अध्यक्ष किरण यादव का कहना है कि हमारी संस्था किसानों को लागत मूल्य पर कटहल का पौधा उपलब्ध करवाती है. संस्था बारहमासी कटहल का पौधा भी लागत मूल्य पर किसान को देती है.
अविनाश के मुताबिक, 4 से 5 वर्ष बाद कटहल से प्रति वर्ष एक हेक्टेयर से करीब 2 लाख रुपये की आमदनी होती है. धीरे-धीरे प्रति वर्ष आमदनी में बढ़ोतरी होती है. जैसे-जैसे पौधा का विकास होगा, कटहल के पेड़ में फल अधिक लगेंगे और आमदनी बढ़ेगी. एक हेक्टेयर से 7 लाख रुपये तक की कमाई होती है.