Gold price outlook: अगले साल 60 हजारी हो सकता है सोना, जानिए किन बातों से है सबसे ज्यादा टेंशन

Gold price outlook: फेडरिल रिजर्व मिनट्स की बैठक में इतना तय हो गया है कि अभी हाई इंफ्लेशन रेट बना रहेगा और वह इंट्रेस्ट रेट में बढ़ोतरी धीरे-धीरे करेगा. गोल्ड माइनर्स का कहना है कि अगले साल सोना 60 हजारी हो सकता है.
Gold price outlook: अगले साल 60 हजारी हो सकता है सोना, जानिए किन बातों से है सबसे ज्यादा टेंशन

फाइल फोटो ANI.

Gold price outlook: गोल्ड को महंगाई के खिलाफ हेजिंग के तौर पर देखा जाता है. इस समय तमाम परिस्थितियां ऐसी हैं जो सोने के लिए अनुकूल हैं. हाई इंफ्लेशन (Inflation) रेट कायम है, मंदी का खतरा लगातार बढ़ रहा है और जियो-पॉलिटिकल टेंशन भी जारी है. ऐसे में आने वाले समय में सोने की कीमत में उछाल की पूरी-पूरी संभावना दिख रही है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले साल तक डोमेस्टिक मार्केट में सोना 60 हजार के स्तर तक पहुंच सकता है.

रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशनल मार्केट में सोना अगले साल तक 2000 डॉलर प्रति आउंस के स्तर तक पहुंच सकता है. इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण हाई इंफ्लेशन रेट बताया गया है. इस सप्ताह फेडरल मिनट्स में साफ-साफ कहा गया है कि इंट्रेस्ट रेट में बढ़ोतरी जरूर की जाएगी, लेकिन इसकी रफ्तार थोड़ी मंद होगी. आसान शब्दों में समझें तो अभी लंबे समय तक ऊंची महंगाई दर बनी रहेगी. ऐसे में फेडरल रिजर्व आगे भी बहुत ज्यादा अग्रेसिव रुख अपनाकर इकोनॉमिक ग्रोथ रेट को प्रभावित नहीं करना चाहता है. ऑस्ट्रेलिया इवॉल्यूशन माइनिंग लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन जैक क्लेन ने कहा कि लंबी अवधि तक हाई इंफ्लेशन रेट गोल्ड के लिए अच्छा है.

गोल्ड माइनिंग कॉस्ट बढ़ने से भी कीमत को मजबूती मिलेगी

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IIFL सिक्यॉरिटीज के कमोडिटी वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि गोल्ड माइनिंग कॉस्ट भी सालाना आधार पर 7 फीसदी तक बढ़ गया है. इसके कारण भी कीमत को मजबूती मिलेगी. 2022 में गोल्ड माइनिंग की कॉस्टिंग 1173 डॉलर प्रति आउंस हो गई है. माइनिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी का बड़ा कारण लेबर कॉस्ट का बढ़ना, डीजल और पावर कॉस्ट का बढ़ना है. महंगे फ्यूल के कारण ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट भी बढ़ गया है.

फेड का रुख नरम होगा तो सोने में आएगी जबरदस्त तेजी

इस साल सोने के प्रदर्शन पर गौर करें तो इसमें महज 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व समेत दुनिया के बड़े सेंट्रल बैंकों ने इंट्रेस्ट रेट में भारी बढ़ोतरी की है. इसके बावजूद यह गिरावट लिमिटेड है. ऐसे में जब फेडरल रिजर्व का रुख थोड़ा नरम होगा, गोल्ड की कीमत में तेजी आएगी.

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