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दिल्ली और कोलकाता में रेस्तरां खोलने के लिए ‘पुलिस इटिंग हाउस लाइसेंस’ (Police Eating House License) की जरूरत होती है. (जी बिजनेस)
#BUDGET2020ZEE Economic Review 2019-20: क्या आप जानते हैं कि देश की राजधानी दिल्ली में ढाबा खोलने से ज्यादा आसान बंदूक का लाइसेंस पाना आसान है? जी हां, यह एक हकीकत है. बजट 2020 से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को आर्थिक समीक्षा 2019-20 (Economic Review 2019-20) की रिपोर्ट जारी की गई है. इस समीक्षा रिपोर्ट में इस बार अजब-गजब जानकारियां निकलकर सामने आई हैं. एक ऐसी ही एक रोचक जानकारी दिल्ली (Delhi) में ढाबा खोलने (Dhaba opening) और बंदूक के लाइसेंस (Gun license) को लेकर है. इसमें यह सामने आया कि दिल्ली में ढाबा खोलने के मुकाबले बंदूक का लाइसेंस पाना ज्यादा आसान है. पीटीआई की खबर के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में ढाबा या रेस्तरां खोलने वालों से पुलिस से एनओसी (NOC) के लिए 45 तरह के डॉक्यूमेंट तक की मांग की जाती है. इसके उलट बंदूक या पिस्तौल खरीदने के लाइसेंस के लिए सिर्फ 19 डॉक्यूमेंट ही मांगे जाते हैं. शुक्रवार को संसद में पेश आर्थिक समीक्षा 2019-20 में कारोबार सुगमता (Ease of doing business) की बात करते हुए इसका उल्लेख किया गया है.
भारतीय राष्ट्रीय रेस्तरां संघ (NRAI) के अनुसार बेंगलुरू (Bengluru) में कोई रेस्तरां खोलने के लिए कुल 36 प्रकार की अनुमति, दिल्ली में 26 और मुंबई में 22 तरह की अलग-अलग अनुमति प्राप्त करनी होती है. वहीं चीन और सिंगापुर में एक रेस्तरां खोलने के लिए मात्र चार तरह के लाइसेंस की जरूरत होती है. समीक्षा के अनुसार, ‘‘ दिल्ली में दिल्ली पुलिस से ‘इटिंग हाउस लाइसेंस’ पाने के लिए 45 दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है जबकि एक पिस्तौल खरीदने के लिए मात्र 19 डॉक्यूमेंट ही चाहिए होते हैं. इस व्यवस्था में सुधार की स्पष्ट गुंजाइश है.’’
समीक्षा में कहा गया है कि दिल्ली और कोलकाता में रेस्तरां खोलने के लिए ‘पुलिस इटिंग हाउस लाइसेंस’ (Police Eating House License) की जरूरत होती है. इस लाइसेंस को पाने के लिए 45 तरह के दस्तावेजों तक की जरूरत होती है. इसके विपरीत नए हथियार खरीदने या आतिशबाजी की बिक्री के लाइसेंस के लिए जरूरी क्रमश: 19 और 12 दस्तावेज पर्याप्त माने जाते हैं.
समीक्षा के अनुसार देश में कारोबार सुगमता के मामले में चार मानकों पर सुधार की बहुत गुंजाइश है जहां भारत पीछे हैं. इसमें कारोबार शुरू करने में, संपत्ति के रजिस्ट्रेशन, टैक्स चुकाने और समझौतों को लागू कराने में आसानी के मानक शामिल हैं. वर्ल्ड बैंक 190 देशों में कारोबार सुगमता की रैंकिंग करता है. यह रैंकिंग दस मानकों पर आधारित है. पिछली रैंकिंग में कारोबार सुगमता के मामले में भारत ने 190 देशों में 63वां स्थान प्राप्त किया जो उससे पिछले साल के मुकाबले 14 स्थान बेहतर है.