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Budget 2023: 1 फरवरी को देश का यूनियन बजट पेश होगा. देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) सरकार की ओर से देश की बजट पेश करेंगी. हर साल यूनियन बजट से पहले देश का इकोनॉमिक सर्वे पेश किया जाता है. इकोनॉमिक सर्वे (Economic Survey) यानी कि वो लेखा-जोखा जो देश की आर्थिक स्थिति को बताता है. हर साल देश में यूनियन बजट (union budget 2023) से पहले देश का इकोनॉमिक सर्वे पेश किया जाता है. इकोनॉमिक सर्वे वित्त मंत्रालय का एक अहम दस्तावेज होता है, जो बजट से ठीक एक दिन पहले पेश किया जाता है. बता दें कि 1 फरवरी को देश का बजट पेश होगा, इस हिसाब से 31 जनवरी को देश का इकोनॉमिक सर्वे पेश किया जाएगा.
बजट से पहले इकोनॉमिक सर्वे तैयार किया जाता है, इसे आर्थिक सर्वेक्षण के नाम से भी जाना जाता है. वित्त मंत्रालय के तहत एक विभाग होता है, जिसे इकोनॉमिक अफेयर्स कहा जाता है. इसके तहत एक इकोनॉमिक डिवीजन होता है. यही इकोनॉमिक डिवीजन चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर यानी CEA की देख रेख में इकोनॉमिक सर्वे को तैयार करती है.
इकोनॉमिक सर्वे के तहत केंद्र सरकार की ओर से देश की आर्थिक सेहत का लेखा-जोखा बताया जाता है. इस दस्तावेज के जरिए सरकार जनता ये बताती है कि देश की आर्थिक स्थिति कैसी है? इसके अलावा सरकार की आर्थिक स्थिति कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, इसकी भी जानकारी दी जाती है. वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) ही देश का इकोनॉमिक सर्वे तैयार करते हैं.
इकोनॉमिक सर्वे के आधार पर सरकार को भी सुझाव दिए जाते हैं लेकिन इन सुझावों को लागू करना है या नहीं, इसका संपूर्ण फैसला सरकार पर होता है. यही वजह से इकोनॉमिक सर्वे को बजट से एक दिन पहले संसद में पेश किया जाता है.
बता दें कि देश का पहला इकोनॉमिक सर्वे 1950-51 के बीच तय किया गया था. हालांकि 1964 तक इकोनॉमिक सर्वे को देश के आम बजट के साथ ही पेश किया जाता था लेकिन बाद में इसे, बजट (Budget) से एक दिन पहले पेश किया जाने लगा. बता दें कि वित्त मंत्री की मंजूरी के बाद ही ये जारी होता है.