BUDGET 2019 LIVE : इस बार दोगुनी हुई इनकम टैक्‍स छूट, पहले भी बढ़ाई गई है यह सीमा

बजट भाषण में कार्यवाहक वित्‍त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 6.5 लाख रुपए तक की आय तक कोई टैक्‍स नहीं लगेगा, अगर करदाता 1.5 लाख रुपए कर बचत योजनाओं में निवेश करता है.
BUDGET 2019 LIVE : इस बार दोगुनी हुई इनकम टैक्‍स छूट, पहले भी बढ़ाई गई है यह सीमा

मई में चुनी जाने वाली नई सरकार जुलाई में पूर्ण बजट पेश करेगी. (फोटो : PTI)

1 फरवरी को लोकसभा में बजट भाषण के दौरान कार्यवाहक वित्‍त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 6.5 लाख रुपए तक की आय तक कोई टैक्‍स नहीं लगेगा, अगर करदाता 1.5 लाख रुपए कर बचत योजनाओं में निवेश करता है. गोयल ने कहा कि 5 लाख रुपए तक की इनकम पर कोई भी टैक्‍स नहींं लगेगा. पहले यह सीमा ढाई लाख रुपए सालाना थी.

जेटली ने 5 बजट पेश किए
आम चुनाव के बाद मई में चुनी जाने वाली नई सरकार जुलाई में पूर्ण बजट पेश करेगी और उससे पहले आर्थिक सर्वेक्षण संसद में पेश किया जाएगा. राजग सरकार के मौजूदा कार्यकाल का यह अंतिम बजट है. वित्त मंत्रालय का कामकाज देख रहे कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल यह बजट पेश करेंगे. अरुण जेटली के इलाज के लिए अमेरिका जाने के बाद पिछले सप्ताह ही रेल मंत्री पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिला है. इससे पहले वित्त मंत्री रहते हुए जेटली ने 5 बजट पेश किए हैं. आइए जानते हैं इससे पहले के 5 बजट में मोदी सरकार ने आयकरदाता को क्‍या-क्‍या तोहफे दिए:

> 2014-15 के बजट में मोदी सरकार ने बेसिक टैक्‍स एक्‍जेमशन लिमिट 2 लाख रुपए से बढ़ाकर ढाई लाख रुपए कर दी थी. वहीं 60 साल से ऊपर और 80 साल से कम उम्र के वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 3 लाख रुपए की गई थी.
इसके साथ 80C के तहत डिडक्‍शन लिमिट 50 हजार से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए कर दी थी. साथ ही होम लोन के ब्‍याज की सीमा भी बढ़ाकर दो लाख रुपए कर दी गई थी. पहले यह सीमा 1.5 लाख रुपए थी.

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> नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे बजट (2015-16) में आयकर स्‍लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया. नेशनल पेंशन सिस्‍टम (NPS) को अधिक आकर्षक बनाने के लिए सेक्‍शन 80CCD(1b) के तहत 50 हजार रुपए के अतिरिक्‍त डिडक्‍शन की शुरुआत की गई. यह डिडक्‍शन 80C के तहत मिलने वाली 1.5 लाख रुपए की छूट से अलग था.
वेतनभोगियों के लिए सरकार ने ट्रांसपोर्ट अलाउंस की सीमा बढ़ाकर 1600 रुपए कर दी थी. साथ ही व्‍यक्तिगत मेडिक्‍लेम की सीमा भी 15 हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दी गई थी. वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए इसे बढ़ाकर 20 हजार से 30 हजार रुपए किया गया था. इसी साल सरकार सुकन्‍या समृद्धि योजना को भी कर छूट के दायरे में लाई थी.

> वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने 2016-17 के बजट में हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल (HNI) करदाताओं, जिनकी आय 1 करोड़ रुपए से ज्‍यादा है, पर सरचार्ज बढ़ाकर 12% से 15% कर दिया. किराए के घर में रहने वाले करदाताओं, जिनको HRA नहीं मिलता है, के लिए 80GG के तहत किराए की सीमा 24 हजार रुपए से बढ़ाकर 60 हजार रुपए कर दी गई थी. वहीं जिन करदाताओं की आय 5 लाख रुपए से कम है उन्‍हें टैक्‍स रिबेट सीमा दो हजार से बढ़ाकर 5 हजार रुपए की गई थी.

> वर्ष 2017-18 के बजट में 12500 रुपए का रिबेट ऑफर किया गया था. ऐसा ढाई लाख रुपए से 5 लाख रुपए की आय पर कर की दर को 10% से घटाकर 5% करने से संभव हुआ था.

> वित्‍त वर्ष 2018-19 के बजट में नरेंद्र मोदी सरकार ने 40 हजार रुपए के स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन की घोषणा की. यह ऐलान सैलरी क्‍लास व पेंशनर के लिए मौजूदा रियायतों से अलग था. हालांकि मेडिकल रीइम्‍बर्समेंट और ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर मिलने वाली कर छूट इसके आने से खत्‍म हो गई थी. साथ ही सेस को 1% से बढ़ाकर 3% से 4% के बीच कर दिया गया था.

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