बजट 2019: बदल सकता है इनकम टैक्स स्लैब, नौकरीपेशा को मिल सकती है बड़ी राहत

मोदी सरकार के आखिरी बजट और चुनावी साल में अंतरिम बजट को अब कुछ ही दिन बचे हैं. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि लोगों को बड़ी राहत देने के लिए कुछ ऐलान किए जा सकते हैं.
बजट 2019: बदल सकता है इनकम टैक्स स्लैब, नौकरीपेशा को मिल सकती है बड़ी राहत

सरकार टैक्सपेयर्स को छूट के अलावा और भी राहत दे सकती है. (फोटो: अरुण जेटली, जी बिजनेस)

मोदी सरकार के आखिरी बजट और चुनावी साल में अंतरिम बजट को अब कुछ ही दिन बचे हैं. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि लोगों को बड़ी राहत देने के लिए कुछ ऐलान किए जा सकते हैं. वित्त मंत्रालय से भी साफ संकेत मिले हैं कि सरकार नौकरीपेशा को बड़ी राहत दे सकती है. भले ही यह सरकार का अंतरिम बजट हो, लेकिन छोटे टैक्सपेयर्स के लिए इसमें बहुत कुछ होने वाला है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार टैक्सपेयर्स को छूट के अलावा और भी राहत दे सकती है. इसमें इनकम टैक्स स्लैब को बदला जा सकता है.

छोटे टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, सरकार सीधे तौर पर टैक्सपेयर्स खासकर छोटे करदाताओं को बड़ी छूट देने का मन बना रही है. हालांकि, सरकार ने इसके लिए कई विकल्पों पर विचार किया है. अगर सूत्रों के दावे ठीक निकलते हैं तो साफ है कि इस अंतरिम बजट में इनकम टैक्स स्लैब को बदलकर मोदी सरकार बड़ी राहत दे सकती है.

बदला जा सकता है इनकम टैक्स स्लैब
सूत्रों की मानें तो सरकार इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव करेगी. अगर इनकम टैक्स में बदलाव किया जाता है तो छोटे टैक्यपेयर्स को राहत मिलेगी. अभी इनकम टैक्स स्लैब में 2.50 लाख रुपए तक छूट मिलती है. इसके अलावा 2.50-5 लाख रुपए के बीच 5 फीसदी टैक्स लिया जाता है. सूत्रों की मानें तो सरकार इस स्लैब का दायरा बढ़ा सकती है.

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जोड़ा जा सकता है नया स्लैब
दूसरा विकल्प यह है कि मौजूदा टैक्स स्लैब में कोई खास बदलाव न करते हुए एक स्लैब और जोड़ा जा सकता है. यह स्लैब 10 फीसदी का हो सकता है. इसमें 5-10 लाख रुपए की आय वालों को बड़ी राहत मिल सकती है. अभी 5-10 लाख रुपए के बीच 20 फीसदी टैक्स लगता है. सरकार 10 लाख तक की आय वालों के लिए 10 फीसदी टैक्स का स्लैब डाल सकती है. अभी इनकम टैक्स की 5 फीसदी, 20 फीसदी और 30 फीसदी की दरें हैं.

बढ़ सकता है स्टैंडर्ड डिडक्शन
तीसरा विकल्प यह है कि सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन का दायरा भी बढ़ा सकती है. मौजूदा व्यवस्था में स्टैंडर्ड डिडक्शन के तहत 40,000 रुपए की छूट मिलती है. इसकी रकम को और बढ़ाया जा सकता है. साल 2018 के बजट में 40,000 रुपए के स्टैंडर्ड डिडक्शन को लाया गया था. इसमें ट्रांसपोर्ट अलाउंस, मेडिकल रीइंबर्समेंट और अन्य अलाउएंस को वापस लिया गया था.

क्या है मौजूदा टैक्स स्लैब

सालाान आयमौजूदा टैक्स
0-2.5 लाख रुपए0%
2.5-5 लाख रुपए5%
5-10 लाख रुपए20%
10 लाख से ऊपर30%

कुछ ऐसा हो सकता है नया टैक्स स्लैब

सालाान आयमौजूदा टैक्स
0-2.50 लाख रुपए0%
2.50-5 लाख रुपए5%
5-10 लाख रुपए10%
10-15 लाख रुपए20%
15 लाख रुपए से ऊपर30%

80C के तहत छूट बढ़कर हो 3 लाख रु
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने व्यक्तिगत इनकम टैक्सपेयर्स को विनिर्दिष्ट निवेश योजनाओं में निवेश पर धारा 80C के तहत मिलने वाली छूट को बढ़ा कर 3 लाख रुपए करने की भी सिफारिश की है. फिक्की का कहना है कि इससे व्यक्तिगत बचत को प्रोत्साहन मिलेगा. अगर सरकार फिक्की की सिफारिश को मानती है तो छूट का दायरा भी बढ़ सकता है.

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