Maize Cultivation: मक्का को विश्व में खाद्यान्न फसलों की रानी कहा जाता है. क्योंकि इसकी उत्पादन क्षमता खाद्यान्न फसलों में सबसे ज्यादा होती है. (Image- Pexels)
1/6इसका उपयोग मानव आहार के साथ-साथ कुक्कुट पालन आहार, पशु आहार, स्टार्च, शराब और बीज के रूप में भी किया जाता है. (Image- Pexels)
2/6मक्के को पॉपकॉर्न, स्वीटकॉर्न और बेबीकॉर्न के रूप में पहचान मिल चुकी है. विश्व के कुल मक्का उत्पादन में भारत का 3 फीसदी योगदान है. (Image- Pexels)
3/6खरीफ के मौसम में ऊपरी जमीन जहां वर्षा के पानी का जमाव नहीं होता हो, मक्का की मेढ़ विधि से बुआई करके अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है. (Image- Pexels)
4/6इस विधि द्वारा फसल की बुआई करने पर 20-30% सिंचाई जल, 25-40% बीज और 25% नाइट्रोजन का बचाव किया जा सकता है.
5/6मेढ़ पर मक्का की खेती करने से अत्यधिक वर्षा से होने वाले नुकसान से फसल को बचाया जा सकता है. अधिक वर्षा की स्थिति में दो मेढ़ों के बीच के नाले का उपयोग जल निकास के लिए किया जाता है, जिससे जल जमाव के कारण फसल नुकसान से बचाया जा सकता है तथा दो पंक्तियों के बीच खाली स्थान रहने से तेज हवा के बहने पर भी सामान्यतः खड़ी फसल गिरती नहीं है. (Image- Pexels)
6/6मेढ़ों पर फसल लगाने से सूर्य की किरणों और वायु की समुचित उपलब्धता के कारण पौधों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है. जिससे गुणवत्ता, उत्पादन और उत्पादकता में बढ़ोतरी होती है.