Government Schemes: केंद्र और राज्य सरकारें एग्रीकल्चर सेक्टर (Agriculture Sector) में किसानों की आय बढ़ाने और ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं. इसी कड़ी में, बिहार सरकार ने किसानों को एग्री बिजनेस से जोड़ने की कोशिश कर रही है. बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति (BAIPP) के तहत एग्री प्रोसेसिंग यूनिट को बढ़ावा दिया जा रहा है. ताकि किसानों को उनकी उपज के बाजार में बेहतर भाव मिले.
1/5बीएआईपीपी (BAIPP) के तहत कवर किए गए सात फोकस क्षेत्र हैं- मखाना, शहद, फल और सब्जियां, मक्का, बीज, औषधीय और सुगंधित पौधे और चाय. बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति (BAIPP) में पात्र व्यक्तिगत निवेशकों/उद्यमियों या रजिस्टर्ड किसान-आधारित कंपनियों को बिहार राज्य में सात में एग्री प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना/आधुनिकीकरण/विविधीकरण/विस्तार के लिए कैपिटल सब्सिडी का प्रावधान है.
2/5बिहार के किसानों को एग्री बिजनेस करने के लिए सब्सिडी दी जा रही है, जिसमें व्यक्तिगत निवेशकों के लिए लागत राशि का 15 फीसदी और FPC के लिए 25 फीसदी तक की सब्सिडी दी जाएगी.
3/5अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) निवेशक, अतिरिक्त 5% पूंजी सब्सिडी ले सकेंगे और महिला उद्यमी, एसिड अटैक पीड़ित, युद्ध विधवाएं, विकलांग और तीसरे लिंग के निवेशक 2% अतिरिक्त कैपिटल सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं.
4/5कैपिटल सब्सिडी समर्थन पूरी तरह से क्रेडिट लिंक्ड होगा और बैंक/वित्तीय संस्थान से टर्म लोन प्रोजेक्ट कॉस्ट के 20% से कम नहीं होना चाहिए. बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2016 के अतिरिक्त वर्तमान नीति के तहत नीतिगत प्रावधान निवेशकों के लिए उपलब्ध होंगे, लेकिन कोई अतिव्यापी समर्थन नहीं होगा, यानी निवेशक दोनों नीतियों के तहत एक ही प्रकार के प्रोत्साहन प्राप्त करने के पात्र नहीं होंगे.
5/5अगर आप बिहार के किसान हैं और खेती के साथ-साथ कृषि निवेश प्रोत्साहन स्कीम से जुड़कर अपना एग्री बिजनेस करना चाहते हैं तो अपने जिले के कृषि विभाग के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं. वहीं किसान चाहें तो बिहार कृषि विभाग, उद्यान निदेशालय या बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन स्कीम की आधिकारिक वेबसाइट पर भी विजिट कर सकते हैं.