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SBI Savings Plus Account: सेविंग्स अकाउंट तो हम सब खुलवाते हैं. बेसिक बैंकिंग का सबसे पहला स्टेप है ये. और अगर निवेश करने की बात हो तो उसके लिए भी आपके पास ढेरों ऑप्शन पसंद हैं, लेकिन अगर सेविंग्स अकाउंट पर भी आप समझदारी से काम लें तो आप इसी सामान्य अकाउंट पर ज्यादा फायदा उठा सकते हैं. बैंक आपको सेविंग्स अकाउंट पर ब्याज देते हैं, हालांकि, ये ब्याज कम होता है, लेकिन कितना अच्छा हो कि आप इसी अकाउंट पर फिक्स्ड डिपॉजिट की दर से रिटर्न कमा सकें.
एसबीआई सेविंग्स प्लस अकाउंट एक यूनीक सेविंग्स बैंक अकाउंट है, जो MODS (Multi Option Deposit) से लिंक्ड होता है. इस अकाउंट में एक लिमिट सेट होती है, जो सेविंग्स अकाउंट के तहत आती है और जो सरप्लस अमाउंट आता है तो उसपर आपको ज्यादा रिटर्न मिलता है.
दरअसल SBI के इस अकाउंट में ऑटो स्वीप फैसिलिटी (Auto Sweep Facility) का फायदा मिलता है. ऑटो स्वीप फैसिलिटी में सेविंग्स अकाउंट में एक तय लिमिट से ज्यादा बैलेंस होने पर अतिरिक्त अमाउंट FD में ऑटोमेटिकली कन्वर्ट हो जाता है. जितना अमाउंट एफडी में कन्वर्ट हुआ है, उस पर आपको एफडी का ब्याज मिलता है और शेष बैलेंस पर बचत खाते का ब्याज मिलता है.
1. जमा की अवधि 1-5 वर्ष है
2. एटीएम कार्ड
3. मोबाइल बैंकिंग
4. इंटरनेट बैंकिंग
5. SMS अलर्ट
6. MOD डिपॉजिट पर लोन ले सकते हैं.
7. MOD में ट्रांसफर के लिए मिनिमम अमाउंट 35000 है.
8. MOD में ट्रांसफर की मिनिमम राशि एक बार में 1,000 रुपये और 10,000 रुपये के मल्टीपल में.
9. सालाना 25 फ्री चेक लीफ मिलते हैं. इसके बाद जो भी तिमाही के आधार पर एवरेज बैलेंस मेंटेन करेंगे, उसके हिसाब से चार्ज लगेगा.
10. मंथली बैलेंस के हिसाब से बिना किसी बाधा के विदड्रॉल कर सकते हैं.
11. इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से अकाउंट ट्रांसफर कर सकते हैं.
12. मैक्सिमम बैलेंस की कोई लिमिट नहीं है.
13. पासबुक मिलता है, ओरिजिनल खो जाने पर चार्ज देकर डुप्लीकेट इशू करा सकते हैं. अकाउंट डीटेल्स ईमेल के जरिए भी भेज सकते हैं.
14. मंथली एवरेज बैलेंस जीरो है.
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