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डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन कंपनी Paytm की एंटिटी Paytm Payments Bank पर चल रहे संकट के बीच केंद्रीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की ओर से बयान आया है. पेटीएम पर हो रही जांच के बीच पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर सेंट्रल बैंक की कार्रवाई को लेकर सवाल पूछे जाने पर आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने पेटीएम का नाम लिए बिना कहा कि यदि सभी चीजों का अनुपालन किया गया होता, तो केंद्रीय बैंक किसी विनियमन वाली इकाई के खिलाफ कार्रवाई क्यों करता?
उन्होंने कहा कि पेटीएम मामले को लेकर व्यवस्था के बारे में चिंता की कोई बात नहीं, हम केवल भुगतान बैंक की बात कर रहे हैं. आरबीआई के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन ने कहा कि ‘‘लगातार गैर-अनुपालन’’ के लिए पेटीएम के खिलाफ कार्रवाई की गई, सुधारात्मक कार्रवाई के लिए पर्याप्त समय दिया गया था.
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि "हमारा जोर हमेशा आरबीआई के नियामकीय दायरे में आने वाली इकाइयों के साथ द्विपक्षीय गतिविधियों पर होता है, हमारा ध्यान इकाई को सही कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करने पर होता है. जब बैंक और एनबीएफसी प्रभावी कदम नहीं उठाते हैं, हम कारोबार से संबंधित पाबंदियां लगाते हैं."
उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नियामक होने के नाते व्यवस्था के स्तर पर स्थिरता या जमाकर्ताओं या ग्राहकों के हितों के संरक्षण को ध्यान में रखकर हम कदम उठाते हैं. गवर्नर ने बताया कि आरबीआई पेटीएम को लेकर की गयी कार्रवाई के बारे में लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिए अगले सप्ताह FAQs (बार-बार पूछे जाने वाले सवाल) जारी करेगा.
बता दें कि आर्थिक अपराधों की जांच करने वाली एजेंसी ED ने One 97 Communications के खिलाफ ये जांच शुरू की है कि पेटीएम के ब्रांड के तहत चलने वाली कंपनियां क्या फॉरेन एक्सचेंज नियमों के उल्लंघन में शामिल थीं या नहीं. उसके पहले पिछले हफ्ते भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (Paytm Payments Bank Limited) को किसी भी ग्राहक खाते, प्रीपेड साधन, वॉलेट एवं फास्टैग आदि में 29 फरवरी, 2024 के बाद जमा या टॉप-अप स्वीकार करने से रोक दिया था. पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) के खिलाफ RBI ने यह कदम व्यापक प्रणाली ऑडिट रिपोर्ट और बाहरी ऑडिटरों की अनुपालन सत्यापन रिपोर्ट के बाद उठाया था.