यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने शनिवार को एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (ईबीएलआर) में 40 आधार अंकों की कटौती की घोषणा की. इसके बाद ईबीएलआर 6.80 प्रतिशत हो गया. बैंक ने यह कटौती आरबीआई द्वारा हाल ही में रेपो रेट में किए गए बदलाव के मद्देनजर की है.
2/5यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, खुदरा और सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सेगमेंट को नई दर के सभी कर्ज के लिए ईबीएलआर आधारित ब्याज दरें पेश की थीं.
3/5इसलिए पहली अक्टूबर, 2019 से सभी नई दर के ऋणों को आरबीआई की नीतिगत रेपो दर से जोड़ दिया गया है. मझौले उद्यम को भी आरबीआई नीतिगत दर से 1 अप्रैल से जोड़ दिया गया है.
4/5इससे पहले बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) ने अपने MCLR को 1 जून से 0.25 प्रतिशत घटाने का ऐलान किया है. इससे Home और Car loan ग्राहकों को कम ब्याज पर लोन मिलेगा. साथ ही पुराने ग्राहकों की loan की emi कम हो जाएगी.
5/5बैंक के मुताबिक इस कटौती से एक साल के कर्ज पर सालाना ब्याज दर घटकर 7.70 प्रतिशत रह जाएगी. अभी यह 7.95 प्रतिशत है. इसी तरह छह महीने के कर्ज की ब्याज दर 7.60 प्रतिशत और मंथली लोन की ब्याज दर 7.50 प्रतिशत होगी.