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Budget 2024, RBI Interim Dividend: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार 2.0 का आखिरी बजट पेश किया है. सरकार ने बृहस्पतिवार को अगले वित्त वर्ष के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों से 1.02 लाख करोड़ रुपये की लाभांश आय का अनुमान रखा है. सरकार चालू वित्त वर्ष में 48,000 करोड़ रुपये के बजट अनुमान के मुकाबले 1.04 लाख करोड़ रुपये का लाभांश प्राप्त करने के रास्ते पर है.
चालू वित्त वर्ष का अनुमान बजट अनुमान से अधिक है. इसका कारण यह है कि आरबीआई ने पिछले साल मई में 87,416 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया था. पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने आरबीआई और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों से 39,961 करोड़ रुपये जुटाए थे. इस बीच, सरकार ने केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSE) से डिविडेंड के भुगतान के रूप में 43,000 करोड़ रुपये की प्राप्ति का अनुमान लगाया है.
चालू वित्त वर्ष के दौरान अन्य निवेश भी बढ़कर 50,000 करोड़ रुपये हो गया. कुल मिलाकर, सरकार ने चालू वित्त वर्ष में आरबीआई, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और केंद्रीय लोक उपक्रमों से लाभांश के रूप में 1,54,407 करोड़ रुपये जुटाने का अनुमान रखा है. अगले वित्त वर्ष के लिए यह 1.50 लाख करोड़ रुपये है. टैक्स कलेक्शन में सुधार के अलावा, बैंकों और वित्तीय संस्थानों से मिलने वाले अधिक लाभांश से राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.
सरकार ने अगले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 5.1 प्रतिशत पर लाने और 2025-26 में इसे 4.5 प्रतिशत के स्तर पर लाने का लक्ष्य रखा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि आयात शुल्क समेत प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. नई कर व्यवस्था के तहत आयकर कानून की धारा 87A के तहत सात लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्ति कर छूट के पात्र होंगे. वहीं पुरानी व्यवस्था के तहत कर का भुगतान करने वालों के लिए छूट की सीमा पांच लाख रुपये बनी हुई है.