1 अप्रैल से बदल जाएगा PNB समेत इन 3 बैंकों का नाम! ग्राहकों के पैसे पर क्या होगा असर?

देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बनने वाले इस बैंक का कुल व्यापार और आकार 18 लाख करोड़ रुपए का होगा. पिछले साल अगस्त में केंद्र सरकार ने PNB में OBC और यूनाइटेड बैंक के मर्जर को मंजूरी दी थी.
1 अप्रैल से बदल जाएगा PNB समेत इन 3 बैंकों का नाम! ग्राहकों के पैसे पर क्या होगा असर?

मर्जर की पूरी प्रक्रिया के लिए तीनों बैंकों की तरफ से 34 कमिटी गठित की गई थी.

पंजाब नेशनल बैंक (PNB), यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (UBI) और ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) के मर्जर के बाद बनने वाले बैंक को नया नाम दिया जाएगा. जल्द ही इसका ऐलान हो सकता है. केंद्र सरकार इसके लिए अधिसूचना जारी करेगी. नए नाम के साथ बैंक का लोगो भी नया होगा. यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के एक अधिकारी ने यह सूचना दी है. न्यूज एजेंसी पीटीआई की खबर के मुताबिक, पीएनबी, यूबीआई और ओबीसी के मर्जर से बनने वाला नया बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक होगा.

1 अप्रैल से ऑपरेशनल होगा नया बैंक
देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बनने वाले इस बैंक का कुल व्यापार और आकार 18 लाख करोड़ रुपए का होगा. पिछले साल अगस्त में केंद्र सरकार ने PNB में OBC और यूनाइटेड बैंक के मर्जर को मंजूरी दी थी. मर्जर के बाद नया बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन जाएगा. अधिकारी के मुताबिक, नया बैंक 1 अप्रैल 2020 से अस्तित्व में आ सकता है. नए बैंक की पहचान के लिए इसे नया लोगो भी दिया जाएगा. नए नाम और लोगो पर तीनों बैंकों में उच्च स्तर पर विचार चल रहा है.

कमिटी ने सौंपी रिपोर्ट
UBI अधिकारी के मुताबिक, मर्जर की पूरी प्रक्रिया के लिए तीनों बैंकों की तरफ से 34 कमिटी गठित की गई थी. इन कमिटी ने अपनी-अपनी रिपोर्ट बोर्ड को सौंप दी हैं. मर्जर अंतिम चरण में है. पीएनबी ने अर्नेंस एंड यंग (E&Y) को इसके लिए सलाहकार नियुक्त किया है, जो मर्जर प्रक्रिया पर नजर रख रहा है. इसमें तीनों बैंकों का HR, सॉफ्टवेयर, प्रोडक्ट और सर्विस शामिल हैं. मर्जर के बाद बनने वाले नए बैंक के पास संयुक्त रूप से 1 लाख से ज्यादा कर्मचारी होंगे.

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आपके अकाउंट पर क्या होगा असर?
>> मर्जर के बाद आपके बैंक का नाम बदल जाएगा.
>> पुराना अकाउंट नंबर और कस्टमर आईडी भी बदला जा सकता है.
>> पुरानी चेकबुक को भी सरेंडर करना पड़ सकता है. हालांकि, इसके लिए नए बैंक का बोर्ड ही अंतिम निर्णय लेगा.
>> नया डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड जारी किए जा सकते हैं.
>> नया बैंक बनने के बाद कुछ ब्रांचेज को बंद किया जा सकता है. आपकी होम ब्रांच बदल सकती है.

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