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पिछले सप्ताह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने भी एमसीएएलआर में कटौती की थी.(पीटीआई)
MCLR: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of baroda) ने एक साल की अवधि पर आधारित उधारी दर में यानी MCLR में 0.10 प्रतिशत की कटौती कर दी है. बैंक ऑफ बड़ौदा ने सोमवार को शेयर बाजार (stock market) की दी जानकारी में यह बताया. बैंक की नई ब्याज दरें 12 फरवरी से लागू हो जाएंगी. बैंक ने यह फैसला तब लिया है जब हाल में 6 फरवरी को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक समीक्षा पॉलिसी में नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट (repo rate) में कोई बदलाव नहीं किया. रेपो रेट इस वक्त 5.15 प्रतिशत है. रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक कॉमर्शियल बैंकों (commercial banks) को उधार देता है.
बैंक की तरफ से किए गए इस ताजा बदलाव के बाद ओवरनाइट एमसीएलआर दर 0.10 प्रतिशत घटकर अब 7.55 प्रतिशत हो गई है. पीटीआई की खबर के मुताबिक, बैंक की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ब्याज दर में कटौती बाद, एक साल की एमसीएलआर 8.25 प्रतिशत से घटकर 8.15 प्रतिशत पर आ गई है. एक महीने के लिए दर पांच बेसिक प्वाइंट घटकर 7.55 प्रतिशत हो गया है. इसके अलावा तीन महीने और छह महीने के लिए भी एमसीएलआर रेट में 0.10 प्रतिशत की कटौती की गई है. अब यह क्रमश: 7.70 प्रतिशत और 8 प्रतिशत हो गया है.
बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी (FD) पर ब्याज दर में भी बदलाव किया है. नई दरें 10 फरवरी 2020 से लागू हो गई हैं. लेटेस्ट रिवीजन के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा 7 दिनों से लेकर 10 साल तक की मेच्योरिटी वाले डिपॉजिट राशि पर 4.5 प्रतिशत से लेकर 6.25 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है.
पिछले सप्ताह, देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने भी एमसीएएलआर में कटौती की थी. इसमें पांच बेसिक प्वाइंट कम किया था. यह सभी अवधि के लिए 10 फरवरी से लागू किया गया है. आज के बाद से एक साल के लिए एमसीएलआर 7.90 प्रतिशत से घटकर 7.85 प्रतिशत हो गया है. बैंक ऑफ बड़ौदा ने छह महीने तक की अवधि के लिए एमसीएलआर में 10 बेसिक प्वाइंट की कमी की है.