आर्थिक तंगी से जूझ रहे जेट ऐयरवेज के कर्मचारियों ने अपने भविष्य की चिंताओं और बकाया वेतन की मांग के साथ शुक्रवार को मुम्बई के आज़ाद मैदान में जोरदार प्रदर्शन किया.कर्मचारी यहां धरने पर बैठ गए हैं.सभी की सरकार से एक ही गुहार है के जल्द से जल्द कोई विकल्प निकाला जाए ताकि जेट एयरवेज के हालात एक बार फिर सामान्य हो सकें और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें.
1/4जेट एयेरवेज के कर्मचारियों की मांग है कि यदि जल्द कोई निवेशक नहीं मिलता है तो सरकार मामले की गंभीरतो को देखते हुए आगे आए और जेट ऐयरवेज को बेलआउट पैकेज दे और कंपनी को मुश्किल से निकाले. जेट ऐयरवेज के बंद होने पर बड़ी संख्या में लोगों की नौकरी जाएगी. सरकार को इस बात का ध्यान रखना चाहिए.
2/4जेट एयरवेज के लिये बोली लगाने की योजना बना रहे कर्मचारी समूह के प्रतिनिधियों ने बृहस्पतिवार को एसबीआई कैपिटल मार्केट के अधिकारियों के साथ बैठक की और बोली प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. कर्मचारियों की दो यूनियनों ने बयान में यह जानकारी दी. कर्मचारी समूह के संकटग्रस्त एयरलाइन को अपने नियंत्रण में लेने के प्रस्ताव के दो दिन बाद यह बैठक हुई है.
3/4समूह ने बोली के लिये बाहरी निवेशकों से कम-से-कम 3,000 करोड़ रुपये की उम्मीद के साथ यह प्रस्ताव किया है. बयान के अनुसार मुंबई में हुई बैठक में एसबीआई कैपिटल के अधिकारियों ने बोली की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी. बोली फिलहाल जारी है. उन्होंने सभी स्रोतों से मिलाकर कुल 7000 करोड़ रुपये जुटाने का वादा भी किया है.
4/4सोसाइटी फार वेलफेयर आफ इंडियन पायलट्स (एसडब्ल्यूआईपी) तथा जेट एयरक्राफ्ट मेनटेनेन्स इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन (जेएएमईवीए) ने बयान जारी किये. बयान में कहा गया है, 'एसबीआई कैपिटल की टीम ने कहा कि कर्जदाता स्थिति की समीक्षा कर सकते हैं और बोली प्रक्रिया पूरी होने तथा संतोषजनक समाधान नहीं निकलने पर किसी अन्य विकल्प या प्रस्ताव पर विचार कर सकते हैं. इसमें कर्मचारियों के मालिकाना हक का प्रस्ताव शामिल है.'