देशभर में हुए लॉकडाउन (Lockdown) के बाद अब धीरे-धीरे एक बार फिर सबकी जिंदगी पटरी पर वापस लौट रही है. 25 मई से देश में घरेलू उड़ानों (Flight Ticket Booking) की बुकिंग शुरू हो रही है. इसके साथ ही रेलवे ने भी 1 जून से 200 नॉन एसी ट्रेन चलाने का फैसला लिया है. ऐसे में अगर आपका कहीं जाने का प्लान हैं तो हम आपको बताते हैं कि आप किस तरह से अपने फ्लाइट के टिकट को सस्ते में बुक करा सकते हैं. लॉकडाउन में एविएशन सेक्टर को हुए भारी नुकसान को कम करने के लिए कंपनियां किराए में भी इजाफा कर सकती हैं, लेकिन हम आपको ऐसा तरीका बताएंगे जिससे आप ज्यादा किराया होने के बाद भी अपना टिकट सस्ते में बुक करा सकेंगे-
1/5एयरलाइन कंपनियां फ्लाइट के टिकट कई महीने पहले बेचना शुरू कर देती है. इसलिए अगर आप कहीं प्लान बनाकर जा रहे हैं तो आपको जल्द से जल्द अपना टिकट बुक करा लेना चाहिए. अगर आप पहले से टिकट बुकिंग करा कर रखते हैं तो आपको सस्ता टिकट मिल सकता है. वहीं, अगर आप यात्रा से कुछ दिन पहले का टिकट कराएंगे तो वो आपकी काफी महंगा पड़ सकता है.
2/5इसके अलावा एयरलाइन कंपनियां किराया तय करने के लिए अगर प्रक्रिया का इस्तेमाल करती हैं. एविएशन सेक्टर में यील्ड मैनेजमेंट का इस्तेमाल किया जाता है. एयरलाइंस कंपनियों का मकसद हर पैसेंजर से किलोमीटर (आरपीकेएम) पर अधिकतम रेवेन्यू कमाना है. होटल, ट्रैवल कंपनी और भारतीय रेलवे भी इसी तरह के फार्मूले को अपनाते हैं. 2016 में आरपीकेएम 4 रुपए के करीब पहुंच गया था यानी 4 रुपए में एक किलीमीटर. आंकड़े देखें तो आप पाएंगे कि यात्री करीब उतना ही किराया चुका रहे हैं जितना वह बस या ट्रेन की यात्रा में चुका रहे हैं.
3/5इसके अलावा बुकिंग करते समय इस बात का भी ध्यान रखें कि आपका टिकट नॉन रिफंडेबल है या फिर रिफंडेबल. नॉन रिफंडेबल टिकटों लेने के बाद अगर आप अपना टिकट कैंसिल कराते हैं तो आपको रिफंड नहीं मिलता है. इसलिए अगर आपको अपनी यात्रा को लेकर कोई भी कंफ्यूजन हैं तो आप हमेशा रिफंडेबल टिकट ही खरीदें. टिकट ही खरीदें. एयरलाइंस (ट्रैवल एजेंट्स ) कंपनियां टिकट रिफंडेबल है या नहीं इसके बारे में पहले ही जानकारी दे देती हैं.
4/5बता दें टिकट एयरलाइंस कंपनी 2500 से ज्यादा कैंसिलेशन फीस नहीं चार्ज कर सकती है. अगर आपने 3000 रुपए की फ्लाइट बुक की है तो इसे कैंसिल कराने पर आपको महज 500 रुपए वापस मिलेंगे. कई बार टिकट 2500 से भी नीचे खरीदा गया तो तो आपके हाथ में कुछ नहीं आएगा.
5/5इसके अलावा कंपनियां ग्राहकों को एक ही फ्लाइट में अलग-अलग किराए का ऑप्शन भी देती हैं. आमतौर पर इकनॉमी क्लास में बीच वाली कतार में चेक इन बैगेज की परमिशन नहीं होती है. इसमें खाना भी नहीं रहता लेकिन ये टिकट सस्ते पड़ते हैं. अगर टिकट के साथ खाना शामिल न हो तो बेहतर है कि आप फ्लाइट में ही खाना आर्डर करिये. इससे भी आपको काफी बचत होगी.