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दिल्ली हवाईअड्डे की क्षमता बढ़ाने का प्लान बनाया गया (फाइल फोटो)
दिल्ली हवाईअड्डे पर मुसाफिरों की बढ़ती तादाद को देखते हुए हवाईअड्डे की क्षमता को बढ़ाने का प्लान बनाया गया है. मास्टर प्लान 2016 के तहत दिल्ली हवाईअड्डे को चलाने वाली संस्था DIAL ने हवाईअड्डे को इस तरह से तैयार करने की योजना बनाई है कि यहां से हर साल 14 करोड़ यात्री उड़ान भर सकें. वहीं 2022 तक हवाईअड्डे की पैसेंजर हैंडलिंग क्षमता को सालाना 10 करोड़ यात्री तक बढ़ाया जाएगा.
तीन साल में पूरा होगा काम
जीएमआर समूह के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर आई प्रभाकरा राव ने कहा कि जिस तरह से देश में हवाई यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ रही है उसको देखते हुए ये जरूरी हो जाता है कि हम अपने हवाईअड्डे को भविष्य की जरूरत के हिसाब से तैयार करें. हवाईअड्डे के विस्तार की योजना के तीसरे दौर का काम काफी तेजी से चल रहा है. अगले तीन साल में हवाईअड्डे की क्षमता को बढ़ाने के साथ ही यहां यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं देने की कोशिश की जाएगी.
बनेगा चौथा रनवे
दिल्ली हवाईअड्डे से और ज्यादा उड़ानों को चलाया जा सके इसके लिए यहां पर चौथे रनवे को भी बनाए जाने की तैयारी है. अब तक दिल्ली हवाईअड्डे पर कुल 03 रनवे हैं जिनसे लगभग 1000 से अधिक उड़ानें रोज भरी जाती हैं.
टर्मिनल 1 की क्षमता को दो गुना किया जाएगा
DIAL ने टर्मिनल 1 को तीन गुना अधिक बढ़ा बनाए जाने की योजना तैयार की है. इस टर्मिनल से ज्यादातर घरेलू उड़ानों की सुविधा है. इस टर्मिनल की क्षमता को सालाना 2 करोड़ यात्री से बढ़ा कर 04 करोड़ यात्री तक किया जाना है.