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Air India: टाटा ग्रुप एयर इंडिया को उसकी पुरानी पहचान देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. एयर इंडिया के चीफ कैम्पबेल विल्सन ने कहा कि अगले पांच सालों में हमारा लक्ष्य डोमेस्टिक और इंटरनेशनल मार्केट में 30 फीसदी हिस्सेदारी का है. जनवरी में खरीदने के बाद टाटा ग्रुप अभी इसके रिवाइवल पर काम कर रहा है. वर्तमान में एयर इंडिया का डोमेस्टिक मार्केट शेयर 10 फीसदी और इंटरनेशनल मार्केट शेयर 12 फीसदी है.
कैम्पबेल ने कहा कि एयर इंडिया के ट्रांसफॉर्मेशन का प्लान तैयार है. अगले पांच सालों का रोडमैप बनकर तैयार है और इस दिशा में काम जारी है. उन्होंने कहा कि एयरलाइन की योजना अगले पांच सालों में अपने फ्लीट की क्षमता को तीन गुना बढ़ाना है. इस कड़ी में एयर इंडिया अगले 15 महीनों में बोइंग (Boeing) के चौड़े साइज वाले 5 विमान और एयरबस (Airbus) के छोटे साइज वाले 25 विमान अपने बेड़े में शामिल करने वाली है.
एयर इंडिया के पास अभी छोटे साइज वाले 70 विमान मौजूद हैं. उनमें से 54 विमान यात्रियों की सेवाओं में लगे हुए हैं जबकि बाकी के बचे 16 विमान अगले साल की शुरुआत तक धीरे-धीरे सेवा में लाए जाएंगे. वहीं बड़े साइज वाले कुल 43 विमानों में से 33 विमान अभी सेवाओं में हैं. बताते चलें कि टाटा ग्रुप के पास एयर इंडिया के अलावा विस्तारा (Vistara) और एयरएशिया इंडिया (AirAsia India) के रूप में दो और एयरलाइंस भी हैं.
एयर इंडिया के एक सीनियर अधिकारी विनोद हजमादी (Vinod Hejmadi) ने पिछले दिनों कहा था कि एयर इंडिया (Air India) फिलहाल ‘टैक्सिंग फेज’ में है और खुद को मजबूत बनाने और ग्रोथ मोड में एंट्री करने में अभी उसे दो साल लगेंगे. एयर इंडिया का कंट्रोल लेने के बाद टाटा ग्रुप ने घाटे में चलने वाली इस एयरलाइन का कायाकल्प करने के लिए एक बड़ा प्लान पेश किया था. इसमें इंडस्ट्री लीडरशिप, शक्तिशाली ऑपरेशन्स, वाणिज्यिक क्षमता, इंडस्ट्री की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को जोड़ना और ग्राहकों को शानदार अनुभव देने पर जोर दिया गया है.