BS-6 लागू होने से पहले ही मारुति ने बनाया रिकॉर्ड, बेची 5 लाख कार

नए उत्सर्जन नियमों के लागू होने से पहले ही पांच लाख बीएस-6 वाहनों की बिक्री की है. साथ ही कंपनी अभी बीएस-6 पेट्रोल इंजन वाले नए 10 मॉडल लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. 
BS-6 लागू होने से पहले ही मारुति ने बनाया रिकॉर्ड, बेची 5 लाख कार

BS यानी भारत स्टेज भारत सरकार के बनाए हुए स्टैंडर्ड हैं. इसे भारत स्टेज एमिशन स्टैंडर्ड (बीएसईएस) लागू करता है.

प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए वाहनों में भारत स्टेज-6 यानी BS-6 का नियम 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा. 1 अप्रैल से केवल बीएस-6 वाले व्हीकल्स का ही रजिस्ट्रेशन होगा. बीएस-4 वाली गाड़ियों की बिक्री पर रोक लग जाएगी. तमाम ऑटोमोबाइल कंपनियों ने बीएस-4 के वाहन बंद कर बीएस-6 वाले वाहन बनाने शुरू कर दिए हैं. लेकिन देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारूति ने तो नया नियम लागू होने से पहले ही पांच लाख बीएस-6 वाहनों की बिक्री कर डाली है.

मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki) ने बताया कि उसने नए उत्सर्जन नियमों के लागू होने से पहले ही पांच लाख बीएस-6 वाहनों की बिक्री की है. साथ ही कंपनी अभी बीएस-6 पेट्रोल इंजन वाले नए 10 मॉडल लॉन्च करने की तैयारी कर रही है.

कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी केनिची अयुकावा ने कहा, "यह उपलब्धि भारत में नई इंजन और तकनीकों की वृद्धि की क्षमता को दर्शाती है." उन्होंने कहा कि कंपनी ने अपने लोकप्रिय मॉडलों में बीएस 6 अनुरूप इंजन को पहले ही पेश कर दिया.

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सभी मॉडल्स में बीएस-6
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने अपनी पहली बीएस-6 इंजन वाली कार अप्रैल 2019 में पेश की थी. कंपनी ऑल्टो (Alto), एस-प्रेसो (S-Presso), सेलेरियो, वैगनआर, स्विफ्ट (Swift), बलेनो (Baleno), डिजायर (Dzire), अर्टिगा (Ertiga) और एक्सएल-6 में बीएस-6 पेट्रोल इंजन दे रही है.

मारुति की इलेक्ट्रिक कार
Maruti Suzuki जल्द ही अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार Futuro-e लॉन्च करने जा रही है. Futuro-e कार के कॉन्सेप्ट और डिजाइन को भारत में तैयार किया गया है. Concept Futuro-e का डिजाइन SUV कारों के डिजाइन से बिलकुल हटकर है. इसे अगले महीने फरवरी में लॉन्च किया जाएगा.

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क्या है बीएस-6
BS यानी भारत स्टेज भारत सरकार के बनाए हुए स्टैंडर्ड हैं. इसे भारत स्टेज एमिशन स्टैंडर्ड (बीएसईएस) लागू करता है और यह सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अंडर और सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अंडर में आता है. बीएसईएस में ‘एमिशन’उत्सर्जन को कहते हैं. कोई वाहन अधिकतम कितना प्रदूषण निकाल सकता है और कितने से अधिक के बाद ये ग़ैरकानूनी हो जाएगा, यह सब एमिशन स्टैंडर्ड के तहत आता है.

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