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CCPA OLA: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने कैब एग्रिग्रेटर ओला को निर्देश दिया है कि वो ग्राहकों को रिफंड का तरीका चुनने का ऑप्शन दें. अब ग्राहक शिकायत के बाद रिफंड अपने बैंक अकाउंट में या कूपन के रूप में ले सकेंगे. इसके अलावा, ओला को सभी ऑटो राइड्स का बिल या रसीद देना होगा, जिससे सर्विस में ट्रांसपेरेंसी आएगी. CCPA के मुताबिक ओला अपनी "नो-क्वेश्चन-आस्क्ड" रिफंड नीति के तहत सिर्फ कूपन कोड देता था, यह ग्राहकों के अधिकारों का उल्लंघन है.
CCPA के मुताबिक 'नो-क्वेश्चन-ऑस्क्ड रिफंड' के कारण ग्राहक अगली राइड के लिए मजबूर हो जाते थे, जो सरासर गलत है. इसके साथ ही CCPA ने यह भी पाया कि ओला ऑटो राइड्स का बिल नहीं देता था, जो कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत "गलत व्यापारिक व्यवहार" है. राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) के अनुसार, 1 जनवरी 2024 से 9 अक्टूबर 2024 तक ओला के खिलाफ 2,061 शिकायतें दर्ज हुई हैं.
CCPA के दखल के बाद ओला ऐप में कई बदलाव हुए हैं. शिकायत अधिकारी का नाम,फोन नंबर और ईमेल अब ऐप पर दिखेगा. राइड बुक करते समय कैंसिलेशन पॉलिसी और कैंसिलेशन फीस साफ दिखेगा. ड्राइवरों को पिकअप और ड्रॉप लोकेशन दोनों का पता दिखेगा. राइड कैंसिल करने के ज्यादा कारण जोड़े गए हैं. कुल किराए में शामिल सभी चीज़ों की जानकारी अब दिखेगी (बेस किराया, प्रति किमी किराया, प्रतीक्षा शुल्क आदि). ड्राइवरों को डिजिटल भुगतान लेने और एसी चालू रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. ड्राइवरों को जल्दी भुगतान मिलेगा.
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) के अनुसार ओला के खिलाफ ज्यादातर शिकायतों में बुकिंग के समय दिखाए गए किराए से ज़्यादा किराया वसूलना, ग्राहक को पैसे वापस ना करना,ड्राइवर द्वारा अतिरिक्त पैसे मांगना और ड्राइवर का सही जगह पर ना पहुंचना या गलत जगह पर छोड़ देना शामिल हैं.