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बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए भारत सरकार की ओर से सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की गई है. इस स्कीम में 250 रुपए से लेकर अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक निवेश किया जा सकता है. आप अपनी सुविधा के हिसाब से निवेश शुरू कर सकते हैं. बेटी के नाम चलाई जा रही इस योजना में अभिभावक को सिर्फ 15 सालों तक इन्वेस्टमेंट करना होता है. 21 साल बाद ये स्कीम मैच्योर हो जाती है. 10 साल तक की उम्र की बच्ची के माता-पिता इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं.
मौजूदा समय में सुकन्या समृद्धि स्कीम पर 8 फीसदी के हिसाब से ब्याज मिल रहा है. ऐसे में अगर आप इस स्कीम में लगातार ठीकठाक अमाउंट का निवेश जारी रखते हैं तो बच्ची के भविष्य के लिए अच्छा खासा पैसा जोड़ सकते हैं. लेकिन अगर आप इस अकाउंट में सालाना मिनिमम धनराशि किसी कारण नहीं डाल पाते हैं, तो खाते को डिफॉल्ट मान लिया जाता है. ऐसी स्थिति में अकाउंट बंद कर दिया जाता है. जानिए बंद खाते को किस तरह किया जा सकता है रिवाइव?
अगर आपका सुकन्या समृद्धि खाता किसी कारण से बंद हो चुका है तो आप इसे फिर से शुरू कर सकते हैं. इसके लिए आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस जहां भी आपने ये खाता खुलवाया है, वहां जाकर इस अकाउंट को दोबारा शुरू करने के लिए एक फॉर्म भरना होगा. इस फॉर्म के साथ जितने वर्षों का भुगतान नहीं किया है, वो करना होगा, साथ ही 50 रुपए प्रतिवर्ष के हिसाब से पेनल्टी देनी होगी. मान लीजिए आपका खाता 4 सालों से बंद पड़ा है तो आपको 250 रुपए प्रतिवर्ष के हिसाब से साथ ही 50 रुपए प्रतिवर्ष के हिसाब पेनाल्टी देनी होगी. इस तरह आपको 1000 रुपए और 200 रुपए पेनाल्टी के देने होंगे. इसके बाद आपका खाता दोबारा शुरू हो जाएगा.