देशभर में चल रहे लॉकडाउन के बीच सरकार ने किसानों (PM Kisan Samman Scheme) के काम को आसान बनाने के लिए उनके खाते में 2000-2000 रुपए ट्रांसफर किए थे. अब तक इस योजना के तहत सरकार किसानों को लगभग 75 हजार करोड़ रुपए दे चुकी है. इस स्कीम में सरकार की ओर से 6,000 रुपए सालाना दिए जाते हैं. आज हम आपको इस स्कीम के फायदे के बारे में बताते हैं. 6 हजार रुपए सालाना मिलने के अलावा भी सरकार की ओर से स्कीम में कई तरह के फायदे मिलते हैं-
1/5इसके अलावा आपको क्रेडिट कार्ड का फायदा भी मिलता है. पीएम किसान स्कीम से अब किसान क्रेडिट कार्ड को भी जोड़ दिया गया है. इस स्कीम के लाभार्थियों को सरकार की ओर से क्रेडिट कार्ड दिया जा रहा है. इसे बनवाना काफी आसान होता है. इस समय करीब 7 करोड़ किसानों के पास केसीसी है.
2/5इसके अलावा किसानों को पेंशन योजना का भी फायदा मिलता है. पीएम किसान मानधन योजना के लिए आपको किसी भी तरह का डॉक्यूमेंट की भी जरूरत नहीं होती है. अगर 18 साल की उम्र में जुड़ते हैं तो मंथली 55 रुपए या सालाना 660 रुपए होगा. वहीं अगर आप 40 की उम्र में जुड़ते हैं तो 200 रुपए महीना या 2400 रुपए सालाना का योगदान करना होगा.
3/5पीएम किसान मानधन में जितना योगदान किसान का होगा, उसी के बराबर योगदान सरकार भी पीएम किसान अकाउंट में करेगी. यानी अगर आपका योगदान 55 रुपए है तो सरकार भी 55 रुपए का योगदान करेगी.
4/5अगर कोई किसान बीच में स्कीम छोड़ना चाहता है तो उसका पैसा नहीं डूबेगा. उसके स्कीम छोड़ने तक जो पैसे जमा किए होंगे उस पर बैंकों के सेविंग अकाउंट के बराबर का ब्याज मिलेगा.अगर पॉलिसी होल्डर किसान की मौत हो गई, तो उसकी पत्नी को 50 फीसदी रकम मिलती रहेगी. LIC किसानों के पेंशन फंड को मैनेज करेगा.
5/5पीएम किसान सम्मान निधि की वेबसाइट www.pmkisan.gov.in पर इसके खास फीचर्स में यह साफ है कि अगर कोई किसान पीएम-किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहा है तो उसे पीएम किसान मानधन योजना के लिए कोई डॉक्युमेंट देने की जरूरत नहीं होगी. असल में पीएम किसान सम्मान निधि में रजिस्ट्रेशन के समय आपके सारे जरूरी डॉक्युमेंट सरकार जमा करवाती है. वहीं, इस योजना के तहत किसान पीएम किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली किस्त में से सीधे ही पीएम किसान मानधन में अंशदान करने का विकल्प मिलता है. यानी उसे अपनी जेब से कुछ नहीं देना होता है.