जस्टिस एनवी रमन्ना और एमए शांतनागौदर की पीठ ने यह आदेश दिया (फोटो- IANS).
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ कर्ज न चुकाना अपने आप में कोई 'क्रिमिनल ऑफेंस' नहीं है, जब तक कि इसके पीछे कोई क्रिमिनल इरादा न हो.