थाईलैंड ने भारतीय पर्यटकों के लिए 15-दिवसीय वीजा-मुक्त नीति (Visa free Policy) लागू करने की योजना बनाई है. इससे वहां घूमने जाने वाले टूरिस्‍ट को वीजा नहीं लेना पड़ेगा. इस योजना को कैबिनेट मंजूरी के लिए भेजा गया है. 

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15 दिन का वीजा नहीं

थाईलैंड के पर्यटन व खेल मंत्री पिपत रचागितप्रगन ने कहा कि योजना को कैबिनेट में भेजा गया है. मंजूरी मिलते ही इस साल 1 नवंबर से वीजा-मुक्त नीति लागू हो जाएगी. तब तक थाईलैंड जाने वाले चीनी और भारतीय पर्यटकों को 15 दिनों की वीजा-मुक्त सेवा मिलेगी. 

31 अक्‍टूबर तक छूट

यह वीजा नीति अगले साल 31 अक्टूबर तक चलेगी. टूरिज्‍म थाईलैंड में सबसे बड़े उद्योगों में से एक है. हाल के वर्षों में थाईलैंड में चीन और भारत से आए पर्यटकों की संख्या सबसे अधिक है.

भारत भी वीजा नियम सरल करेगा

इधर, भारत भी विदेशी टूरिस्‍टों को आकर्षित करने के लिए नई पहल शुरू कर रहा है. साल 2020 तक दो करोड़ विदेशी पर्यटकों की आमद को ध्यान में रखते हुए, टूरिज्‍म मिनिस्‍ट्री ने प्रमुख भारतीय पर्यटन स्थलों पर विदेशी भाषाओं में साइन बोर्ड लगाने, ई-वीजा आवेदन की अवधि को कम करने और वीजा शुल्क में भी कमी करने की योजना बनाई है. 

बौद्ध स्‍थलों पर लगेंगे साइन बोर्ड

मंत्रालय मध्य प्रदेश के सांची स्तूप, उत्तर प्रदेश के सारनाथ और बिहार के बोधगया जैसे स्थानों पर कम से कम 3 विदेशी भाषाओं में साइन बोर्ड लगाने की योजना बना रहा है, जहां श्रीलंका, जापान और दक्षिण कोरिया से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं. मंत्रालय की योजना है कि इन स्थानों पर सिंहला, जापानी और कोरियाई भाषा में साइन बोर्ड लगाए जाएं.

साइन बोर्ड में क्‍यूआर कोड

इन साइन बोर्ड में क्यूआर कोड भी होंगे, जिसे स्कैन करने पर स्मारक, उसके इतिहास और अन्य विवरणों की विस्तृत जानकारी उस भाषा में प्रदान की जाएगी.