पेटीएम के फाउंडर और सीईओ विजय शेखर शर्मा (Vijay Shekhar Sharma) अब अपनी ही कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ाने जा रहे हैं. इसके लिए वह ANTFIN होल्डिंग से 10.3% हिस्‍सेदारी का अधिग्रहण करने जा रहे हैं. इसके बाद विजय शेखर शर्मा की PayTm में हिस्‍सेदारी बढ़कर 19.42% हो जाएगी. विजय शेखर शर्मा यह डील अपनी 100 फीसदी हिस्सेदारी वाली ओवरसीज कंपनी Resilient Asset Management B.V. के जरिए कर रहे हैं. इस कंपनी की तरफ से 10.3 फीसदी हिस्सेदारी लेने के बाद ANTFIN होल्डिंग के पास 13.5 फीसदी हिस्सेदारी रह जाएगी. इस खबर से तमाम बातें हो रही हैं और कंपनी के शेयर में भी तगड़ा उछाल देखने को मिल रहा है, लेकिन सवाल ये है कि क्या अब कंपनी मुनाफे में आएगी? जब भी लोगों को पता चलता है कि इतनी बड़ी कंपनी पेटीएम आज तक मुनाफे में नहीं आ पाई है तो सबके मन में पहला सवाल यही आता है कि आखिर कंपनी का बिजनेस मॉडल (Paytm Business Model) क्या है? क्यों कंपनी मुनाफा नहीं कमा पा रही?

क्या है कंपनी का बिजनेस मॉडल?

COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

आप भले ही किसी मॉल में चले जाएं या फिर चाय या सब्जी के ठेले पर चले जाएं, वहां पर आपको पेटीएम का क्यूआर कोड लगा मिल ही जाएगा. इससे एक बात समझना तो आसान हो जाता है कि पेटीएम का बिजनेस देश के कोने-कोने में फैला हुआ है. कहीं भुगतान करना होगा या मोबाइल रिचार्ज करना हो, पेटीएम का खूब इस्तेमाल होता है. अब तो रेंट चुकाने और लोन लेने के लिए भी बहुत सारे लोग पेटीएम का इस्तेमाल कर रहे हैं. अब आपको लग रहा होगा कि कंपनी तो करोड़ों कमाती होगी. जी बिल्कुल, कंपनी करोड़ों कमाती है, लेकिन दिक्कत सिर्फ एक है कि कंपनी को अब तक कोई मुनाफा नहीं हो रहा है. तो आइए जानते हैं क्या है कंपनी का बिजनेस मॉडल और ये कैसे कमाती है पैसे.

सबसे पहले ये जान लीजिए पेटीएम क्या सुविधाएं देता है

  • पेटीएम का दावा है कि उसके पास करीब 2 करोड़ मर्चेंट हैं और लगभग 30 करोड़ भारतीय पेटीएम के ऐप का इस्तेमाल करते हैं. पेटीएम के एक ऐप से ही आप बहुत सरे काम कर सकते हैं. आइए जानते हैं पेटीएम क्या-क्या सेवा देता है.
  • पेटीएम का सबसे ज्यादा इस्तेमाल तो तमाम स्टोर्स पर और ऑनलाइन भुगतान के लिए किया जाता है.
  • इसके अलावा पेटीएम बैंकिंग और क्रेडिट की सुविधा देता है. 
  • पेटीएम पर आप सेविंग और करंट अकाउंट भी खोल सकते हैं. 
  • ग्राहकों को डेबिट-क्रेडिट कार्ड भी दिया जाता है.
  • पेटीएम से अब पर्सनल लोन भी दिया जाता है और मर्चेंट फाइनेंसिंग भी की जाती है.
  • पेटीएम की तरफ से इंश्योरेंस की सुविधा भी दी जाने लगी है.
  • वेल्थ मैनेजमेंट में भी पेटीएम ने एंट्री मार ली है, जिसके तहत वह म्यूचुअल फंड, इक्विटी ट्रेडिंग और गोल्ड में पैसे निवेश करने का विकल्प देता है.
  • इतना ही नहीं, पेटीएम पर गेमिंग का भी एक फीचर है, जो बहुत से लोगों को पसंद आता है.
  • बस-ट्रेन-फ्लाइट से लेकर मूवी और इवेंट्स तक की टिकट आप पेटीएम से बुक कर सकते हैं.
  • पेटीएम की मदद से आप क्रेडिट कार्ड के जरिए घर का रेंट भी चुका सकते हैं, जिसके लिए आपको कुछ अतिरिक्त फीस चुकानी होगी.
  • पेटीएम मॉल के जरिए यह कंपनी ई-कॉमर्स सेगमेंट में भी थी, लेकिन अब तेजी से अपना बिजनेस कम करती जा रही है.

इन 8 तरीकों से पैसे कमाती है कंपनी

पेटीएम की कमाई मुख्य रूप से तीन तरीकों से होती है. आइए जानते हैं इनके बारे में.

1- ऑफलाइन और ऑनलाइन भुगतान से कमाई

कंपनी की कमाई का ज्यादातर हिस्सा ऑनलाइन और ऑफलाइन भुगतान से आता है. जब-जब लोग किसी स्टोर से कोई शॉपिंग करते हैं तो वहां पर वह पेटीएम का क्यूआर कोड स्कैन कर के अपनी खरीदारी का भुगतान करते हैं. ग्राहकों को तो भुगतान करने पर कोई चार्ज नहीं चुकाना होता है, लेकिन तमाम बिजनेस से कंपनी एक मामूली फीस वसूल करती है. हालांकि, मोबाइल वॉलेट तो कंपनी का सिर्फ एक तरीका है, जिससे वह अधिक से अधिक लोगों को एंगेज करती है.

2- मर्चेंट्स को दिया जाता है सब्सक्रिप्शन

आपने अक्सर ही मर्चेंट्स के पास क्यूआर कोड, साउंड बॉक्स और पीओएस मशीन देखी होंगी. वहीं ऑनलाइन भुगतान के दौरान आपने पेमेंट गेटवे देखा होगा, जिससे पेटीएम की मदद से ऑनलाइन भुगतान होता है. पेटीएम की तरफ से मर्चेंट को दी जाने वाली इन सभी सर्विस के लिए सब्सक्रिप्शन के तहत कुछ पैसे चार्ज किए जाते हैं. मर्चेंट्स को साउंड बॉक्स जैसी सेवा देने के लिए पेटीएम उनसे 100-250 रुपये प्रति महीने तक चार्ज करता है. ऑनलाइन पेमेंट गेटवे पर पेटीएम हर ट्रांजेक्शन पर 1-2 फीसदी का कमीशन चार्ज करता है.

3- कन्वेंस फीस और प्लेटफॉर्म फीस

पेटीएम की तरफ से मोबाइल रिचार्ज, रेंट भुगतान, टिकट बुकिंग जैसी तमाम सेवाएं दी जाती हैं. इन सभी पर कंपनी अपने ग्राहकों से एक कन्वेंस फीस या प्लेटफॉर्म फीस चार्ज करती है. इससे भी पेटीएम की कमाई होती है. यह कन्वेंस फीस अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग होती है. जैसे मोबाइल रिचार्ज पर आपको करीब 0.42 फीसदी की प्लेटफॉर्म फीस देनी होती है.

4- लोन पर ब्याज से कमाई

पेटीएम की तरफ से लोन भी दिया जाता है. इस लोन पर कंपनी ब्याज चार्ज करती है, जिससे उसकी कमाई होती है. यह लोन बिजनेस को भी दिया जाता है और आम जनता को भी. इसके लिए कंपनी ने कई बैंकों के साथ पार्टनरशिप की हुई है. हर लोन पर कंपनी 3-5 फीसदी तक की कमाई करती है.

5- बाई नाउ पे लेटर

पेटीएम का एक फीचर यह भी है कि वह बाई नाउ पे लेटर की सुविधा देता है. हालांकि, अभी खरीदने और बाद में भुगतान करने की स्थिति में आपको कुछ अतिरिक्त पैसे चुकाने होते हैं, जिनसे कंपनी की कमाई होती है.

6- इंश्योरेंस से कमीशन

पेटीएम की तरफ से इंश्योरेंस भी बेचे जाते हैं, जिसके लिए कंपनी ने कई इंश्योरेंस कंपनियों के साथ पार्टनरशिप की हुई है. हर सेल पर पेटीएम को इंश्योरेंस कंपनी की तरफ से एक कमीशन दिया जाता है.

7- ब्रोकरेज के कमाई

कंपनी इक्विटी, म्यूचुअल फंड और गोल्ड में निवेश की सुविधा भी देती है. इन सुविधाओं का इस्तेमाल करने पर भी ग्राहकों को कुछ रकम चुकानी पड़ती है. पेटीएम की तरफ से फ्यूचर्स् और ऑप्शन में ट्रेडिंग की सेवा भी मुहैया कराई जाती है.

8- कॉमर्स एंड क्लाउड बिजनेस

पेटीएम का तीसरा बिजनेस मॉडल है मर्चेंट्स को ग्राहकों से कनेक्ट कराना. पेटीएम की तरफ से तमाम कंपनियों, टेलिकॉम कंपनियों और डिजिटल या फिनटेक प्लेटफॉर्म्स को क्लाउड सेवाएं ऑफर की जाती हैं. इसके अलावा गेमिंग और टिकटिंग सेवाओं के लिए भी क्लाउड सेवाएं दी जाती हैं. क्लाउड बिजनेस के तहत पेटीएम कंपनी मर्चेंट और एंटरप्राइजेज से सब्सक्रिप्शन मॉडल के तहत भी फीस लेती है और कमाई करती है.