शार्क टैंक इंडिया के तीसरे सीजन (Shark Tank India-3) में एक ऐसा स्टार्टअप आया, जो महिलाओं के शरीर को बेहतर शेप देते हैं. यहां बात हो रही है कॉर्सेट (Corset) ड्रेस की. यह कपड़े 18वीं सदी में शेपवीयर या अंडरवीयर की तरह इस्तेमाल होते थे. यूरोप की महिलाएं इसे अपने शरीर को बेहतर लुक देने और आकर्षक बनाने के लिए पहना करती थीं. इस स्टार्टअप का नाम है लिआ क्लोदिंग कंपनी (Lea Clothing Co.), जिसकी शुरुआत दिल्ली की रहने वाली लावण्या अनेजा ने अपनी मां कीर्ति अनेजा के साथ मिलकर की है. इस स्टार्टअप की शुरुआत जनवरी 2020 में हुई थी.

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यह स्टार्टअप हर साइज और शेप की औरतों के लिए कपड़े बनाता है, जो भारतीय महिलाओं के शरीर के हिसाब से कॉर्सेट बनाता है. इस ब्रांड के तहत दो तरह की कैटेगरी में कपड़े बनाए जाते हैं. पहली कैटेगरी है Saanjh, जिसके तहत एथनिक कपड़े बनते हैं, जो लावण्या की दादी और नानी के नाम को जोड़कर बना है. वहीं दूसरी कैटेगरी है L'ange, जिसके तहत स्विमवीयर और लॉन्जरी बनाई जाती हैं. इस स्टार्टअप का अधिकतर बिजनेस अपनी वेबसाइट और ई-कॉमर्स स्टोर से आता है, यानी अधिकतर बिजनेस ऑनलाइन है.

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान आया था आइडिया

लावण्या ने अपनी पढ़ाई लॉस एंजेलिस की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से की है. वहां से लावण्या ने आंत्रप्रेन्योरशिप में स्पेशलाइजेशन के साथ इकनॉमिक्स और फिलोसॉफी की पढ़ाई की है. उस दौरान उन्हें बहुत सारे बुटीक ब्रांड मिले, जिनमें से एक था कॉर्सेट, जो काफी फेमस हो रहा था. जब वह वापस भारत आईं और कॉर्सेट के बारे में गूगल पर सर्च किया तो यहां उन्हें इससे जुड़ा एक भी ब्रांड नहीं मिला. वहां उन्हें एक मार्केट गैप दिखा, जिसके बाद इससे जुड़ा बिजनेस करने की सोची.

खास टेलरिंग टेक्नीक से बनते हैं कॉर्सेट

लावण्या के पिता एक गार्मेंट एक्सपोर्टर हैं और कीर्ति बैकएंड ऑपरेशन में उनकी मदद करती हैं. हालांकि, अब कीर्ति पूरी तरह से लावण्या के साथ बिजनेस में को-फाउंडर हैं. यह एक मिड प्रीमियम ब्रांड है. कॉर्सेट में एक खास तरह की टेलरिंग टेक्नीक होती है, जो इन कपड़ों को खास बनाती है. इस ब्रांड के 70-80 फीसदी कपड़े सिर्फ कॉर्सेट हैं. 

मिली 4 शॉर्क डील

जब लॉन्च किया था, उस वक्त कैपेक्स सिर्फ 25 लाख रुपये का था. सिर्फ 4 महीने बाद ही कंपनी मुनाफे में आ गई और तब से लेकर अब तक कंपनी मुनाफे में है. इस स्टार्टअप ने साल 2022-23 में करीब 3 करोड़ रुपये की सेल की थी. वहीं. उससे पिछले साल 2021-22 में कंपनी की सेल 1.5 करोड़ रुपये थी. अभी तक कंपनी का बिजनेस हर साल करीब दोगुना हो रहा है. इस स्टार्टअप के लिए फाउंडर्स ने 50 करोड़ रुपये के वैल्युएशन पर 1 करोड़ रुपये के बदले 2 फीसदी इक्विटी देने की पेशकश की. अमन गुप्ता तो इस डील से बाहर रहे, लेकिन अनुपम मित्तल, नमिता थापर, विनीता सिंह और अजहर इकबाल ने इसमें निवेश किया. काफी नेगोशिएशन के बाद 4 फीसदी इक्विटी के बदले 1 करोड़ रुपये (25 करोड़ रुपये वैल्युएशन) और साथ ही 1.5 करोड़ रुपये रिकवर होने तक 2 फीसदी रॉयल्टी पर डील फाइनल हो गई.