GST PMLA: गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (GST) में गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया है. सरकार ने गुड्स एंड सर्विसेट टैक्स नेटवर्क (GSTN) को पीएमएलए (PMLA) के तहत लाने के लिए अधिसूचना जारी की है. अब जीएसटी से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) सीधा दखल देगा. जीएसटी में गड़बड़ी करने वाले व्यापारी, कारोबारी या फर्म के खिलाफ ईडी कार्रवाई कर सकेगी. 

ED से साझा किया जाएगा GSTN का डाटा

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सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस और कस्टम्स टैक्स चोरी रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. केंद्र सरकार ने फैसला किया है की GST नेटवर्क को PMLA एक्ट के तहत लाया जाएगा. अब जीएसटी से जुड़े मामलों में ED सीधा दखल दे सकेगी. GST नेटवर्क का पूरा डाटा भी ED से साझा किया जा सकेगा. 

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क्या है PMLA?

बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने और इसमें शामिल संपत्ति को जब्त करने के लिए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग कानून बनाया गया है. इसके तहत सरकार या सार्वजनिक प्राधिकरण को गैरकानूनी तरीके से कमाए गए धन और संपत्ति को जब्त करने का अधिकार दिया गया है. साल 2002 में धन शोधन निवारण अधिनियम या प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) को पारित किया गया था. उसके बाद 1 जुलाई 2005 में इस अधिनियम को लागू किया गया.

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