6th Anniversary of GST: देश में हो रही टैक्‍स चोरी को रोकने के लिए सरकार ने 1 जुलाई 2017 को भारत में GST यानी Goods and Services Tax को देशभर में लागू किया था. आज इसे लागू हुए 6 साल पूरे हो चुके हैं. इन 6 सालों में जीएसटी ने देश के अप्रत्यक्ष कर सिस्टम कायाकल्प कर दिया है. इसके लागू होने के बाद से न सिर्फ सरकार का रेवेन्‍यू बढ़ा है, बल्कि टैक्‍स चोरी पर भी लगाम लगी है और इसका सीधा असर पूरे देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर देखने को मिला है. आज हमारा देश जीएसटी की 6वीं वर्षगांठ मना रहा है. इस मौके पर सरकार ने ट्वीट कर देश को बताया है कि जीएसटी के लागू होने के बाद देश को क्‍या फायदा मिला और किस महीने में सबसे ज्‍यादा रेवेन्‍यू कलेक्‍शन हुआ.

अप्रैल 2023 में अब तक का सर्वाधिक रेवेन्‍यू कलेक्‍शन

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शुरुआती दौर में देश में केवल 85,000-95,000 करोड़ रुपए का ही जीएसटी कलेक्शन होता था. लेकिन धीरे-धीरे ये कलेक्‍शन काफी बढ़ गया. इस मामले वित्‍त मंत्रालय की ओर से ट्वीट कर बताया गया है कि पिछले साल अप्रैल 2022 में रेवेन्‍यू कलेक्‍शन 1,67,540 करोड़ था, जो कि इस साल और ज्‍यादा हो गया. इस साल अप्रैल 2023 में सरकार ने 1,87,035 करोड़ का जीएसटी कलेक्‍शन किया, जो कि अब तक का सर्वाधिक रेवेन्‍यू कलेक्‍शन है. इसके लिए सरकार ने सभी टैक्‍सपेयर्स का शुक्रिया भी अदा किया है.

जीएसटी के बाद इन चीजों में हुई टैक्‍स की कटौती

इतना ही नहीं, सरकार ने ये भी बताया कि जीएसटी के लागू होने के पहले और बाद के हालातों में क्‍या फर्क आया है. जीएसटी लागू होने के बाद खाने पीने की चीजों में भी टैक्स में कमी आई है. जीएसटी के लागू होने से पहले गेहूं और चावल पर 2.5 और 2.75 फीसदी टैक्स लगता था लेकिन अब कोई टैक्स नहीं लगता है. लस्सी, दही, बटरमिल्क पर पहले 4 फीसदी टैक्स था अब कोई टैक्स नहीं है. वहीं मिल्क पाउडर पर 6 फीसदी टैक्स लगता था अब 5 फीसदी जीएसटी लगता है. 

वेजिटेबल एडिबल ऑयल और मसालों पर पर पहले 6 फीसदी टैक्स था अब 5 फीसदी जीएसटी है.  वॉश बेसिन, सिंक समेत कई सैनेटरी वेयर सामानों पर पहले 28 फीसदी टैक्स था अब 18 फीसदी जीएसटी लगता है. हाथ की घड़ी और अन्‍य घड़ियों पर पहले 28 फीसदी टैक्स था, लेकिन अब 18 फीसदी जीएसटी लगता है.दरवाजे, खिड़कियां और उसके फ्रेम पर पहले 28 फीसदी टैक्स था अब 18 फीसदी जीएसटी लगता है. 

जानिए कैसे लागू हुआ जीएसटी

देश में पुराने टैक्‍स सिस्‍टम की जगह नई अप्रत्‍यक्ष कर व्‍यवस्‍था को लाने का विचार साल 2000 में किया गया था. उस समय जीएसटी कानून का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति बनाई गई थी. साल 2004 में इस समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी. इसके बाद साल 2006 में अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री पी  चिदंबरम ने वर्ष 2010 से जीएसटी को देश में लागू करने की घोषणा की, लेकिन तमाम मतभेदों के चलते ये लागू नहीं हो सका. साल 2016 में जीएसटी को राज्‍य सभा और लोकसभा ने पास कर दिया गया. जीएसटी को 101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 के रूप में अधिनियमित किया गया. इसके बाद 1 जुलाई, 2017 को इसे देश में लागू किया गया. जीएसटी 1 जुलाई, 2017 की मध्यरात्रि को लागू हुआ था.

 

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