रिन्यूएबल एनर्जी आने वाला कल है और इस सेक्टर में तेजी से विस्तार देखा जा रहा है. सरकार ने भी रिन्यूएबल एनर्जी को लेकर अग्रेसिव लक्ष्य रखा है, जिसे पूरा करने की दिशा में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. ICRA ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा कि भारत में स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) क्षमता बढ़कर मार्च 2025 तक 170 गीगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है. इसमें बड़े पनबिजली संयंत्र (Hydro Power Plants) शामिल नहीं हैं.

2023 में 135 गीगावाट की कैपेसिटी थी

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भारत की स्थापित रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी दिसंबर 2023 में 135 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) थी.

बयान में कहा गया है कि आरई उत्पादन रुक-रुक कर होने की स्थिति को देखते हुए, इन स्रोतों से 24 घंटे आपूर्ति महत्वपूर्ण बनी हुई है. एजेंसी ने सुझाव दिया कि विंड और सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के साथ ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के जरिये इसे संभव बनाया जा सकता है.

170 गीगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य

ICRA को उम्मीद है कि भारत में हाइड्रो पावर को छोड़कर स्थापित आरई क्षमता दिसंबर 2023 के 135 गीगावाट से बढ़कर मार्च 2025 तक लगभग 170 गीगावाट हो जाएगी. नवीकरणीय क्षमता वृद्धि को चालू वित्त वर्ष में निविदा गतिविधि में महत्वपूर्ण सुधार से समर्थन मिलने की संभावना है. सरकार रिन्यूएबल एनर्जी को लेकर गंभीर है. भारत सरकार ने मार्च 2023 में हर साल 50000 मेगावाट के RE बिडिंग का ऐलान किया था.