हाल ही में वित्त मंत्रालय ने कहा था कि जीएसटी (GST) खुफिया अधिकारियों ने करीब 569 फर्जी फर्म चलाने वालों और 1047 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी आईटीसी (ITC) जारी करने वालों के एक सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. सरकार इसे बहुत गंभीरता से ले रही है और अब सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि 11 जुलाई को जीएसटी काउंसिल (GST Council) की बैठक होने वाली है. उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में फर्जी रजिस्ट्रेशन (Fake Registration) और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (Fake Inpur Tax Credit) को रोके जाने पर चर्चा हो सकती है.

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खबर है कि सीबीआईसी की ओर से काउंसिल को एक प्रेजेंटेशन दी जाएगी, जिसके बाद चर्चा होगी. बता दें कि सीबीआईसी ने लगभग 60 हजार कंपनियों को जांच के दायरे में रखा हुआ है. करीब 50 हजार करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पकड़े जाने का अनुमान लगाया जा रहा है. फिजिकल वेरिफिकेशन को भी जरूरी किए जाने का प्रावधान किया जा सकता है. इस बात पर भी विचार हो रहा है कि फर्जी रजिस्ट्रेशन और फर्जी आईटीसी की पेनाल्टी को दोगुना कर दिया जाए. इतना ही नहीं, सीबीआईसी अब बायोमीट्रिक रजिस्ट्रेशन पर भी विचार कर रहा है.

GST फ्रॉड एक बड़ी समस्या

जुलाई, 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक फर्जी तरीकों से करीब तीन लाख करोड़ रुपये की कर चोरी होने का अनुमान है. इसमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक कर चोरी पिछले वित्त वर्ष 2022-23 में ही की गई है. शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा कि जीएसटी प्रणाली में सबसे जरूरी सुधार इसके नेटवर्क को उन्नत करने का है ताकि नकली आपूर्ति और आईटीसी के फर्जी दावों को रोका जा सके.

जुलाई, 2017 में हुआ था लागू

देशव्यापी एकसमान कर प्रणाली के रूप में जीएसटी एक जुलाई, 2017 को लागू की गई थी. इसमें उत्पाद शुल्क, सेवा कर और वैट और 13 उपकर जैसे 17 स्थानीय शुल्क शामिल थे. जीएसटी लागू होने के छह साल के भीतर मासिक कर राजस्व बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये के पार जा पहुंचा है. अप्रैल 2023 में राजस्व 1.87 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था. वहीं शुरुआती दौर में औसत मासिक राजस्व 85,000-95,000 करोड़ रुपये हुआ करता था. मासिक राजस्व में लगातार वृद्धि के साथ, जीएसटी अधिकारी अब धोखेबाजों को पकड़ने और कर चोरी पर अंकुश लगाने पर अधिक ध्यान दे रहे हैं.

जून में GST कलेक्शन 1.60 लाख करोड़ रुपये के ऊपर रहने की उम्मीद

जून 2023 में जीएसटी कलेक्शन (GST Collection) में अच्छी बढ़ोतरी संभव है.  जून में GST कलेक्शन 1.60 लाख करोड़ रुपये के ऊपर रहने की उम्मीद है. सालाना आधार पर जून के जीएसटी कलेक्शन में 11-12% की बढ़ोतरी संभव है. बता दें कि मई में जीएसटी कलेक्शन 1,57,090 करोड़ रुपये रहा था. 1 जुलाई को GST कलेक्शन के आंकड़े जारी होंगे. GST लागू होने के बाद से यह लगातार पांचवां साल है जब कलेक्शन 1.5 लाख करोड़ के ऊपर रहा है. इससे पहले अप्रैल, 2023 में जीएसटी संग्रह रिकॉर्ड 1.87 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया था.