Banana Farming: बिहार के वैशाली जिला में सबसे ज्यादा केला की खेती (Banana Farming) होती है. पहले केला कटने के बाद उसको काट कर फेंक दिया जाता था, लेकिन अब किसान उसको फेंकते नहीं हैं उसके रेशा से घरेलू सामान बनाने में इस्तेमाल करते हैं. केले के थंब से निकलने वाले रेशे से महिलाएं महिलाओं को रोजगार के साथ कमाई का मौका मिला है.

केले से फाइबर बनाने की ली ट्रेनिंग

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बिहार के हाजीपुर की रहने वाली नीलम कुमारी ने कृषि विज्ञान केंद्र से केले के फाइबर निकालने की ट्रेनिंग ली थी. इसके बाद उन्होंने अपने गांव के कई महिलाओं के साथ मिलकर रेशे से घरेलू इस्तेमाल की चीजें बना रही हैं और इससे अच्छी-खासी कमाई कर रही है.

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बनाया जन जागृति स्व सहायता समूह

बिहार सरकार कृषि विभाग के मुताबिक, नीलम ने बताया कि उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने केलिए जन जागृति स्व रोजगार समूह बनाया है. इससे वे कई सारी महिलाओं को जोड़ी हुई हैं. केले के रेशे से बनाए जाने वाले सामान को बाजार में बिक्री की जाती है. इससे अन्य महिलाओं के साथ उन्हें भी फायदा होता है.

नीलम का कहना है कि गांव में रहने वाली घरेलू महिलाएं इसकी ट्रेनिंग लेकर अपना काम शुरू कर सकती हैं. महिलाएं खाली समय में रेशे से आइटम बनाकर कमाई कर सकती हैं.

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केले के रेशे से बनाए जा सकते हैं ये सामान

आपको बता दें कि केले के थंबर से निकलने वाले रेशे से कई तरह के घरेलू सजावटी सामान बाए जाते हैं. जैसे रस्सी, थैलियां, वॉल हैंगिंग, खिलौन आदि बनाती हैं. इससे रस्सियां भी बनाई जाती है. 

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