Drip Irrigation: मानसून की बेरुखी और देश के कई हिस्सों में पानी की किल्लत की वजब से किसानों को सिंचाई के लिए समय पर पानी नहीं मिल पाता है. फसलों की सिंचाई का पारंपरिक तरीके नए इस परेशानी को और बढ़ा रहा है. ऐसे सिंचाई की नई तकनीक किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है. ये तकनीक समय की जरूरत है. इस तकनीक से ना सिर्फ पानी की बचत होती है बल्कि पैदावार बढ़ाने के साथ पैसे की बचत भी कराती है.

COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

जल के एक-एक बूंद से अधिक उत्पादन के लिए केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को सिंचाई की नई तकनीक ड्रिप इरिगेशन (Drip Irrigation) अपनाने के लिए बढ़ावा दे रही है. इसके लिए सरकार किसानों को भारी सब्सिडी भी देती है. ड्रिप इरिगेशन से सिंचाई करने पर पौधों की जड़ों तक पानी बूंद-बूंद कर जाता है. इससे फसलों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता है, जिससे उपज बढ़ जाती है.

ये भी पढ़ें- 100-120 दिन में लाख रुपये तक की कमाई, इस फसल की करें खेती

कितनी मिल रही सब्सिडी?

बिहार सरकार कृषि विभाग सूक्ष्म सिंचाई योजना (Micro Irrigation Scheme) के तहत ड्रिप पर लघु एवं सीमांत किसानों को 80 % और अन्य किसानों को 70% तक सब्सिडी दे रही है. आप इस अनुदान के लिए बिहार उद्यान निदेशालय के ऑफिशियल वेबसाइट www.horticulture.bihar.gov.in पर विजिट कर आवेदन कर सकते हैं. 

अधिक जानकारी के लिए कृषि विभाग के D.B.T Portal और उद्यान निदेशालय के वेबसाइट पर विजिट करें या अपने जिला के सहायक निदेशक उद्यान से संपर्क करें. राज्य सराकर की कोशिश हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की है. 

ये भी पढ़ें- Sarkari Yojana: तगड़ी कमाई के लिए करें मधुमक्खी पालन, कमाएं लाखों का मुनाफा, सरकार दे रही 90% की बंपर सब्सिडी

 

कमलम की खेती इतनी खास क्यों? बस एक बार लगाएं पैसे और 40 साल तक कमाएं मुनाफा