Rabi Crops: मौसम की बेरुखी से रबी की फसलें खराब होने की संभावना है. पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों पर देखने को मिला. बिहार, यूपी समेत कई राज्यों में बारिश हुई. बारिश से रबी की फसल (Rabi Crops) खराब होने की जानकारी मिली है. अगर किसानों की फसल प्राकृतिक आपदा समेत अन्य कारणों से प्रभावित हुए या फिर उत्पादन प्रभावित हुआ तो सरकार की तरफ से मदद के रूप  में मुआवजा दिया जाएगा. इसके लिए, बिहार सरकार ने बिहार राज्य फसल सहायता योजना रबी 2022-23 जारी की है. सरकार की इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को फसल का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है. 

फसल खराब हुई तो कितना मिलेगा मुआवजा

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बिहार राज्य कृषि विभाग के मुताबिक, अगर आपकी फसल 20% तक खराब हो जाती है तो बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत आपको 7500 रुपये प्रति हेकटेयर मिलेंगे और अगर 20% से अधिक नुकसान होता है तो आपको 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे. किसानों को DBT के माध्यम से आधार लिंक्ड बैंक खाता में सहायता राशि का भुगतान किया जाएगा.

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योजना की प्रमुख खासियतें

  • बिहार राज्य फसल सहायता योजना रबी 2023 के ऑनलाइन आवेदन करने में किसानों को विभाग की कॉल सेंटर और स्थानीय अधिकारियों द्वारा मदद ले सकते हैं.
  • रैयत व गैर रैयत और आंशिक रूप से रैयत व गैर रैयत दोनों कैटेगरी के किसानों के लिए है.
  • रबी मौसम के सभी प्रमुख फसलें- गेहूं, रबी मकई, मसूर, अरहर, चना, ईख, राई-सरसों, आलू और प्याज शामिल हैं.
  • आवेदन प्रक्रिया नि:शुल्क है.
  • ₹7,500 प्रति हेक्टेयर (20% तक क्षति होने पर)
  • ₹10,000 प्रति हेक्टेयर (20% से ज्यादा क्षति होने पर)

ऐसे कर सकते हैं आवेदन

किसान बिहार राज्य फसल सहायता योजना रबी 2023 का लाभ लेने के लिए सहकारिता विभाग के विभागीय पोर्टल https://state.bhiar.gov.in/cooperative पर विजिट कर सकते हैं. वहीं मोबाइल पोर्टल ई-सहकारी मोबाइळ ऐप (प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है). इसके अलावा कॉल सेंटर (सुगम) पर फोन के जरिए टोल फ्री नंबर 18001800110 पर कॉल कर सकते हैं.

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आवेदन की प्रक्रिया 1 जनवरी 2023 से शुरू हो चुकी है और 31 मार्च 2023 तक अप्लाई किया जा सकता है. आवेदन के समय किसानों को सिर्फ फसल व बुवाई का रकबा की जानकारी देनी है.

सहायता राशि के भुगतान का प्रोसेस

फसल कटनी प्रयोग आधारित उपज दर आंकड़ों के आधार पर योग्य ग्राम पंचायतों के चयन के बाद उन चयनित ग्राम पंचायत के आवेदक किसानों को कुछ दस्तावेज अपलोड करने की जरूरत होगी.

रैयत किसान

अपडेटेड भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र/राजस्व रसीद (31 मार्च 2022 के बाद जारी किया गया) और सेल्फ डिक्लेरेशन.

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गैर रैयत किसान

सेल्फ डिक्लेरेशन (वार्ड सदस्य अथवा किसान सलाहकार द्वारा साइन किया हुआ)

रैयत व गैर रैयत दोनों कैटेगरी के किसान

अपडेटेड भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र/राजस्व रसीद (31 मार्च 2022 के बाद जारी किया गया) और सेल्फ डिक्लेरेशन (वार्ड सदस्य अथवा किसान सलाहकार द्वारा साइन किया हुआ)

नोट:-

  • एक फसल से ज्यादा फसलों का चयन की सुविधा.
  • योजना के तहत अधिकतम 2 हेक्टेयर प्रति किसान के लिए सहायता राशि का भुगतान.
  • नगर पंचायत/नगर परिषद क्षेत्र के किसान भी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए.

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