दुनिया के 13वें सबसे रईस शख्स मुकेश अंबानी तीन दशक बाद अपने पिता का सपना पूरा करने जा रहे हैं. मुकेश अंबानी अब रियल एस्टेट सेक्टर में धमाका करने वाले हैं. दरअसल, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मुंबई के करीब एक वर्ल्ड क्लास मेगासिटी का निर्माण करने जा रही है. इसका ब्लूप्रिंट लगभग तैयार कर लिया है. बिजनस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अंबानी की ये मेगासिटी इतनी बड़ी होगी कि रिलायंस ग्रुप का सबसे बड़ा प्रॉजेक्ट होगा.

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5.22 लाख करोड़ होंगे खर्च

आने वाले 10 साल में इस प्रोजेक्ट पर करीब 5.22 लाख करोड़ रुपए का खर्च होगा. इसके लिए निवेश की शुरुआत हो चुकी है. कंपनी की प्लानिंग भी तय समय से चल रही है. खास बात ये है कि अंबानी ही इस मेगासिटी के मालिक होंगे. रियल्टी सेक्टर के लिए यह एक गेमचेंजर साबित हो सकता है.

क्या है प्रोजेक्ट की खासियत

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मेगासिटी के प्रोजेक्ट की खासियत ये है कि इसका मालिकाना अधिकार रिलायंस के पास ही होगा. पूरा प्रोजेक्ट को रिलायंस डेवलप करेगी. इस शहर का पूरा प्रशासन भी रिलायंस के कंट्रोल में होगा. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक खबर के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि इस मेगासिटी में ब्यूरोक्रेसी और लाल-फीताशाही का दखल नहीं होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि, रिलायंस पहले ही स्पेशल प्लानिंग अथॉरिटी का लाइसेंस हासिल कर चुकी है. इसमें ग्लोबल पार्टनरशिप से वर्ल्ड क्लास इंटीग्रेटिड डिजिटल सर्विसेज मिलेंगी. 

मुंबई की तुलना में सस्ती होगी प्रॉपर्टी

रिलायंस इंडस्ट्रीज का यह प्रोजेक्ट भारत के लिए एक नया अध्याय लिख सकता है. एक्सपर्ट्स की मानें तो रिलायंस का ये प्रोजेक्ट भी जियो की तर्ज पर अपनी इंडस्ट्री में धमाल मचा सकता है. क्योंकि, इसकी गुणवत्ता और किफायती दाम लोगों को आकर्षित कर सकते हैं. रियल एस्टेट के एनालिस्ट के मुताबिक, मेगासिटी के आने के बाद मुंबई की तस्वीर बदल जाएगी. साथ ही मुंबई में प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों में रिवर्स गियर लग सकता है. क्योंकि, इस नए शहर में प्रॉपर्टी की कीमत मुंबई की तुलना में कम होगी.

धीरूभाई ने देखा था सपना

नवी मुंबई में वर्ल्ड क्लास सिटी बसाने का सबसे पहले सपना रिलायंस ग्रुप के फाउंडर धीरूभाई अंबानी ने देखा था. उन्होंने 80 के दशक में साउथ मुंबई और नवी मुंबई को सड़क मार्ग से जोड़ने की प्लानिंग की थी. बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के मुताबिक, अगर इस प्लान को पहले साकार किया जाता तो मुंबई का आर्किटेक्चर आज के मुकाबले बेहतर होता.

2,180 करोड़ रुपए का शुरुआती निवेश

रिलायंस की एक सहयोगी कंपनी ने इसी साल 7 मार्च को NMSEZ के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) किया था. NMSEZ यानी नवी मुंबई स्पेशल इकोनॉमिक जोन के पास इस प्रोजेक्ट के लिए 4,300 एकड़ प्राइम जमीन है, जो जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट और नए एयरपोर्ट से पूरी तरह कनेक्टेड है. रिलायंस ने प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए जमीन लीज पर ले रखी है. वहीं, इसके लिए 2,180 करोड़ रुपए का शुरुआती निवेश भी किया है. रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ग्लोबल इकोनॉमिक हब तैयार करने के लिए महाराष्ट्र सरकार के साथ भी MoU किया था.

मुकेश अंबानी के पास सबसे ज्यादा हिस्सेदारी

NMSEZ में मुकेश अंबानी के अलावा, जय कॉर्प इंडिया, SKIL इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और सिटी एंड इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कॉर्प (CIDCO) की हिस्सेदारी है. पीटीआई की एक खबर के मुताबिक, CIDCO की इस प्रोजेक्ट में 26 फीसदी हिस्सेदारी है. वहीं, बाकी हिस्सेदारी मुकेश अंबानी के पास है. जय कॉर्प और स्कील इंफ्रास्ट्रक्चर के आनंद जैन और निखिल गांधी भी इस प्रोजेक्ट में प्रोमोटर हैं. 

सिंगापुर की तर्ज पर तैयार होगी मेगासिटी

मुंबई के पास बसने वाली इस मेगासिटी को सिंगापुर की तर्ज पर तैयार किया जाएगा. 2005 में सिंगापुर सरकार की Jurong Town Corporation को इस प्रोजेक्ट से जोड़ा गया था. ये ही वो कंपनी है, जिसने सिंगापुर की प्लानिंग और डिजाइनिंग की थी. मेगासिटी को तैयार करने में इसी कंपनी के मॉडल को फॉलो किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट में करीब 5 लाख लोग और हजारों बिजनेस एंटरप्राइज को जगह मिलेगी. यह प्रोजेक्ट रिलायंस इंडस्ट्री का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा.