FADA Appeal to GST Council: 2-व्हीलर खरीदने वालों के लिए जरूरी खबर है. ऑटोमोबाइल डीलर्स बॉडी FADA ने जीएसटी काउंसिल से एक मांग रखी है. मांग ये है कि टू-व्हीलर्स पर जीएसटी को 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर देना चाहिए. FADA ने GST काउंसिल के सामने अपनी मांग रखते हुए कहा कि टू-व्हीलर सेगमेंट लाखों लोगों के लिए जरूरी और इसे लग्जरी आइटम्स की कैटेगरी में नहीं रखना चाहिए. इंडस्ट्री बॉडी FADA ने कहा कि उन्होंने वित्त मंत्रालय, जीएसटी काउंसिल चेयर, जीएसटी काउंसिल मेंबर्स, हैवी इंडस्ट्री मिनिस्ट्री और सड़क और परिवहन मंत्रालय के सामने भी इस अपील को रखा है. 

2-व्हीलर कंपनियों को मिलेगी राहत!

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फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने एक बयान में कहा कि इस फैसले से टू-व्हीलर्स मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी को ज्यादा अफोर्डेबल टू-व्हीलर बनाने में मदद मिलेगी. इसके अलावा मांग में तेजी दिखेगी और बीते कुछ सालों से इंडस्ट्री में डिप आया है, उससे उभरने में भी मदद मिलेगी.

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आम लोगों तक पहुंचाना है फायदा

FADA के प्रेसिडेंट मनीष राज सिंघानिया ने एक बयान में कहा कि टू-व्हीलर इंडस्ट्री के सामने मौजूदा समय में कई तरह की चुनौतियां आ रही हैं. इसमें महंगाई की दर बढ़ना, एमिशन नॉर्म्स की सख्ती और पोस्ट कोविड इफेक्ट्स शामिल है. उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी के लिए टू-व्हीलर को और ज्यादा एक्सिसबल बनाने के लिए जीएसटी काउंसिल से जीएसटी की दरों को कम करने की अपील की गई है. 

ट्रांसोपेर्टेशन में 2-व्हीलर का बड़ा योगदान

उन्होंने आगे कहा कि टैक्स को घटाने से इंडस्ट्री को बूस्ट मिलेगा. इससे इंडस्ट्री में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और भारत के समग्र आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. बयान में उन्होंने आगे कहा कि रूरल भारत में 2-व्हीलर एक बड़ी भूमिका निभाता है. ट्रांसपोर्टेशन के लिए रूरल इंडिया में 2-व्हीलर का बहुत बड़ा स्कोप है. FADA को लगता है कि लाखों लोगों के लिए जरूरी होने की वजह से इसे लग्जरी आइटम में कैटेगराइज नहीं करना चाहिए. इसलिए यहां जीएसटी की दरों को 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर देना ज्यादा सही है. 

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2-व्हीलर की कीमतों में आया उछाल

FADA ने नोटिस किया है कि बीते कुछ सालों से 2-व्हीलर्स की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. इससे कंज्यूमर्स के लिए अफोर्डेबिलिटी पर असर देखने को मिला है. हालांकि 2-व्हीलर की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं, इसमें कच्चे माल की कीमतों में तेजी, एमिशन नॉर्म्स की सख्ती और ज्यादा टैक्स का होना शामिल है. 

उदाहरण के लिए, Honda Activa की साल 2016 में कीमत 52000 रुपए थी, जो कि 2023 में बढ़कर 88000 रुपए हो गई. इसके अलावा Bajaj Pulsar की कीमत 2016 में 72000 रुपए थी लेकिन 2023 में इसकी कीमत बढ़कर 1.5 लाख रुपए हो गई. 

2016 के बाद 2023 में सेल्स में गिरावट

साल 2016 में भारत में कुल टू-व्हीलर्स की सेल्स 78 फीसदी थी. हालांकि साल 2020 से लगातार कीमतें बढ़ रही हैं, जिसके बाद FY23 में कुल सेल्स घटकर 72 फीसदी हो गई. FADA का कहना है कि कीमतों में तेजी की वजह से टू-व्हीलर्स की सेल्स पर इसका असर पड़ा है. 

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