Traffic Rule: देश में कई लोग हैं जो गाड़ी और बाइक चलाने का शौक रखते हैं. वहीं अगर वो गाड़ी पुरानी हो जाती है, तो कुछ लोग उसे मॉडिफाई कराने का विचार रखते हैं. ऐसे में उन्हें ये नहीं पता कि कुछ हिस्से ऐसे होते हैं, जिसे मॉडिफाई नहीं कराना चाहिए. अधिकतर लोग आमतौर पर अपनी कारों को भीड़ से अलग बनाना पसंद करते हैं. ताकि उनकी कार को अलग से अटेंशन मिल सके. लेकिन कई बार इसके चक्कर में उन्हें भारी चालान का सामना करना पड़ता है. आइए जानते हैं किन बातों का रखना चाहिए ख्याल.

COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

आफ्टर-मार्केट अलॉय व्हील्स या लेदर सीट कवर्स जैसे छोटे मॉडिफिकेशन नियम नहीं तोड़ते, लेकिन गाड़ी के कुछ हिस्से ऐसे हैं जिन्हें बदलना गैरकानूनी है. आइए जानते हैं उन हिस्सों के बारे में

रंगीन कांच

वाहन पर रंगीन शीशा लगाना यातायात नियमों का उल्लंघन है. ट्रैफिक पुलिस इस अपराध को आसानी से पकड़ लेती है और लोगों से जुर्माना वसूल करती है. कायदे से आपकी कार में पीछे की खिड़की के लिए कम से कम 75% विसिबिलिटी होनी चाहिए, और बगल की खिड़कियों के लिए 50% विसिबिलिटी होनी चाहिए.

फैंसी हॉर्न

आपने कई बार ट्रकों या कारों में पंखे के हॉर्न की आवाज सुनी होगी. अगर किसी वाहन में ऐसा फैंसी सायरन और प्रेशर हॉर्न लगा हो तो पुलिस तुरंत उसे रोककर चालान काट देती है, क्योंकि यह भी अवैध संशोधनों की सूची में आता है.

कार साइलेंसर

कई युवाओं को अपनी कार को अलग शो-ऑफ बनाने का शौक होता है. वह अपने वाहनों को बाजार में उपलब्ध फैंसी साइलेंसर से सुसज्जित करते हैं. उन्हें लगता है कि उनके वाहन से निकलने वाली आवाज उनके वाहन को दूसरों से अलग करती है. हालांकि, सच्चाई यह है कि ऐसा करने से सीधे चालान कट जाता है और आपको पछतावे के सिवा कुछ हासिल नहीं होता.