Parakram Diwas 2024: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज मंगलवार की शाम को लाल किले में आयोजित एक समारोह में हिस्‍सा लेंगे. प्रधानमंत्री इस मौके पर भारत-पर्व कार्यक्रम का भी शुभारंभ करेंगे, जो आज से 31 जनवरी तक चलेगा. ये कार्यक्रम दिल्‍ली के रामलीला मैदान और लाल किला के सामने माधवदास पार्क में होगा.

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बता दें हर साल पराक्रम दिवस नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती (Netaji Subhash Chandra Bose Jayanti 2024) के मौके पर मनाया जाता है.

स्‍वतंत्रता संग्राम में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सेनानियों को सम्‍मान देने के उनके दृष्टिकोण को ध्‍यान में रखते हुए साल 2021 में पराक्रम दिवस की शुरुआत शुरुआत की गई थी. भारत-पर्व समारोह के मौके पर लाल किले में एक प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें आगन्‍तुकों को नेताजी और आजाद हिन्‍द फौज के बारे में दुर्लभ तस्‍वीरों और दस्‍तावेजों को देखने का मौका मिलेगा. 

 

इस समारोह में गणतंत्र दिवस की झांकियां और सांस्‍कृतिक सामग्रियों के जरिये देश की समृद्ध वि‍विधता प्रदर्शित की जाएगी. साथ ही यहां पर नागरिकों पर केन्द्रित सरकार की पहलों, वोकल फॉर लोकल और पर्यटकों के लिए विभिन्‍न आकर्षक स्‍थानों से संबंधित 26 मंत्रालयों तथा विभागों के प्रयासों को भी दर्शाया जाएगा.

पराक्रम दिवस का इतिहास

साल 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा की. नेताजी सुभास चंद्र बोस भारत के महान क्रन्तिकारी थे. उन्होंने भारत की आजादी के लिए कई आंदोलनों में भाग लिया और साथ ही आजाद हिन्द फौज की स्थापना की. नेताजी द्वारा देश की आजादी के लिए किए गए अभूतपूर्व योगदान के लिए और उनको नमन करने के लिए हर साल उनकी जयंती को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाया जाता है. इस दिन पश्चिम बंगाल,  झारखंड, त्रिपुरा, असम और ओडिशा में एक आधिकारिक अवकाश रहता है.