नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्‍वास प्रस्‍ताव (No Confidence Motion) पर आज लोकसभा में चर्चा होनी है. ये चर्चा दोपहर 12 बजे से शुरू होगी और शाम 7 बजे तक चलेगी. माना जा रहा है कि चर्चा की शुरुआत मुख्‍य वक्‍ता के तौर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी कर सकते हैं. इससे बीजेपी के ऊपर भी दबाव बनेगा. No Confidence Motion पर चर्चा से पहले भाजपा ने भी अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है.

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 इसके लिए संसद भवन परिसर में बीजेपी संसदीय दल की बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी भी मौजूद हैं. उनके साथ ही पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, नितिन गडकरी, एस जयशंकर जैसे तमाम नेता मौजूद हैं. इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है. इसमें आलाकमान की ओर से लोकसभा सांसदों को अहम निर्देश दिए जा सकते हैं.

3 दिनों तक चलेगी चर्चा

बता दें कि अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर ये चर्चा 8 से 10 अगस्‍त तक चलेगी. आज 12 बजे से ये चर्चा शुरू होगी और शाम 7 बजे तक चलेगी. 9 और 10 अगस्‍त को भी चर्चा का यही समय रहेगा. चर्चा के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) अपना जवाब देंगे. बताया जा रहा है कि 9 अगस्‍त को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) भी इस अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) पर लोकसभा में चर्चा के दौरान हस्तक्षेप कर सकते हैं. लेकिन अगर आज राहुल गांधी इसकी शुरुआत करते हैं, तो अमित शाह आज भी हस्‍तक्षेप कर सकते हैं. अमित शाह के अलावा बीजेपी के करीब 20 स्पीकर अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा के दौरान पार्टी का पक्ष रख सकते हैं. इसमें स्मृति ईरानी, निर्मला सीतारमण, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई बड़े नेता शामिल हैं.

क्‍या होता है अविश्‍वास प्रस्‍ताव

भारत के संविधान में अविश्‍वास प्रस्‍ताव का कोई जिक्र नहीं किया गया है. लेकिन आर्टिकल-75 के अनुसार प्रधानमंत्री और उनका मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति जवाबदेह होता है. चूंकि लोकसभा में जनप्रतिनिधि बैठते हैं, ऐसे में सरकार के पास सदन का विश्‍वास होना बहुत जरूरी है यानी कोई भी सरकार तभी सत्‍ता में रह सकती है, जब लोकसभा में उसके पास बहुमत हो. इसी को आधार बनाकर लोकसभा के रूल 198 में अविश्वास प्रस्ताव का जिक्र किया गया है. अविश्‍वास प्रस्‍ताव एक तरीके से सरकार के पास सदन में बहुमत है या नहीं, इसे जांचने का तरीका है. 

 

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