भारतीय रेलवे की ओर से देश भर में रेलवे ट्रैकों के विद्युतिकरण के लिए अभियान चलाया जा रहा है. रेलवे की ओर से N.F रेलवे में पहली बार ऑटोमैटिंग वायरिंग ट्रेन का प्रयोग विद्युतिकरण के लिए किया जा रहा है. यह मशीन पारंपरिक तरीके की तुलना में आधे समय में ट्रैकों के ऊपर लाइनें बिछाने का काम कर रही है.

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इस रूट पर चल रहा है विद्युतिकरण

N.F रेलवे की ओर से जलपाईगुड़ी रोड से न्यू बोंगईगांव के बीच ट्रैक के विद्युतिकरण का काम किया जा रहा है. ऑटोमैटिक वायरिंग ट्रेन के जरिए जहां इलेक्ट्रीफिकेशन में कम समय लग रहा है वहीं कर्मचारियों को भी काफी सहूलियत हो रही है.

इस वित्तीय वर्ष में यह है लक्ष्य

वित्तीय वर्ष 2019-20 में भारतीय रेलवे अपने 6,000 किलोमीटर से अधिक रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण करने की योजना पर काम कर रहा है. हाल ही में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी की रिपोर्ट ‘भविष्य की रेल’ जारी करते हुए रेल मंत्री पियूष गोयल ने कहा कि पिछले पांच सालों में रेलवे में किए गए भारी निवेश से सुरक्षा को मजबूत करने और लंबे समय से लंबित पड़ी परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिली.

 

रेलवे में कई क्षेत्रों में तेजी से बढ़ा काम

उन्होंने कहा, 'पांच साल पहले, रेलवे ने पूरे देश में करीब 600 किलोमीटर नेटवर्क का विद्युतीकरण किया था. सिर्फ पिछले साल, हमने 4,000 किलोमीटर से अधिक नेटवर्क का विद्युतीकरण किया और आगामी साल में हमारा उद्देश्य 6,000 किलोमीटर से अधिक विद्युतीकरण करने की योजना है. नई तकनीक और नवोन्मेष के साथ रेलवे एक केन्द्रीय भूमिका निभाने जा रहा है क्योंकि हम भारत को एक अंतरराष्ट्रीय विनिर्माण केंद्र बनाने का प्रयास कर रहे हैं.'